इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा रही। ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर चेतावनी दी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी का संकेत दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में शाति वार्ता के विफल होने के बाद ईरान को खुली चेतावनी दे दी है। ईरान के अपने परमाणु मंसूबों को छोड़ने से इनकार के जवाब में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दिया है।
ईरान को परमाणु मंसूबों पर ट्रंप ने दी खुली चेतावनी
ट्रंप ने टुथ सोशल पर लिखा, 'यूनाइटेड स्टेट्स नेवी, जो दुनिया में सबसे बेहतरीन है, होर्मुज जलडमरूमध्य में घुसने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज की नाकेबंदी की प्रक्रिया शुरू कर देगी।' अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस मीटिंग के बाद ट्रंप ने टुथ सोशल पर एक काफी बड़ी पोस्ट शेयर करते हुए ईरान की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने लिखा, 'ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का वादा किया था, लेकिन जान-बूझकर अपना वादा पूरा नहीं किया।' ट्रंप ने आगे लिखा, 'वे कहते हैं कि उन्होंने पानी में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं, जबकि उनकी पूरी नेवी और उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। डोनल्ड ट्रंप ने माना कि पाकिस्तान में लंबी बातचीत अच्छी रही और ज्यादातर बातों पर सहमति बन गई, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर झुकने से इनकार कर दिया।
पुराना अविश्वास बना बड़ी बाधा
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चला आ रहा अविश्वास ही सबसे बड़ी बाधा है। वर्ष 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। इसके अलावा, वर्ष 2015 में हुआ परमाणु समझौता भी बाद में अमेरिकी नेतृत्व द्वारा समाप्त कर दिया गया था, जिससे दोनों पक्षों के बीच भरोसे की खाई और गहरी हो गई। हालांकि, इस दौर की वार्ता बेनतीजा रही, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि संवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों पक्ष भविष्य में बातचीत जारी रख सकते हैं।
अमेरिका लौटे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ बिना कोई समझौता किए पाकिस्तान से लौट गए हैं। जेडी वेंस ने पत्रकारों से कहा, 'हम यहां से एक बहुत ही सीधे प्रस्ताव के साथ लौट रहे है-आपसी समझ का एक ऐसा तरीका जो हमारा अंतिम और सबसे बेहतरीन प्रस्ताव है। हम देखेंगे कि ईरानी इसे स्वीकार करते हैं या नहीं।'