होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को रोका, भारत के 5 टैंकर सुरक्षित निकले। मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच हालात और तनावपूर्ण हो रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब सिर्फ जमीन या आसमान तक सीमित नहीं रही, समुद्र भी अब इस टकराव का अहम मोर्चा बन गया है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई गुजरती है, वहां हालात थोड़े ज्यादा सख्त दिखने लगे हैं। ताजा मामला एक पाकिस्तानी जहाज का है। इसे ईरान ने बीच रास्ते रोक दिया। इसकी वजह परमिशन नहीं होना बताई गई।
बिना इजाजत एंट्री पर सख्ती
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ किया है कि अब होर्मुज से गुजरना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। आईआरजीसी नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि ‘सेलेन’ नाम का जहाज जरूरी अनुमति के बिना आगे बढ़ रहा था, इसलिए उसे रोकना पड़ा। उन्होंने ये भी कहा कि, आगे से हर जहाज को पहले ईरानी अथॉरिटी से मंजूरी लेनी होगी, तभी रास्ता मिलेगा। यानी समुद्री ट्रैफिक पर अब ईरान की पकड़ और सख्त हो सकती है
पाकिस्तान की कोशिश, बीच में अड़चन
दिलचस्प बात ये है कि पाकिस्तान इस वक्त खुद को इस जंग में एक तरह से मध्यस्थ की भूमिका में दिखाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बात भी की थी। लेकिन उसी के तुरंत बाद इस तरह का घटनाक्रम चौंकाने वाला संकेत देता है। इससे पता चलता है कि हालात उतने स्मूद नहीं हैं जितना ऊपर से दिख रहा है।
भारत के लिए राहत की खबर
इस पूरे तनाव के बीच भारत के लिए एक पॉजिटिव अपडेट भी है। अब तक भारत के पांच तेल और एलपीजी टैंकर सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें ‘जग वसंत’, ‘पाइन गैस’, ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ शामिल हैं। यह इसलिए अहम है क्योंकि भारत की ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। अगर यहां रुकावट आती हो तो असर सीधा आम लोगों तक पहुंचता है।
जंग के असर के डराने वाले आंकड़े
मौजूदा संघर्ष में अब तक करीब 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 18000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। आंकड़ों में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सब शामिल हैं। 28 फरवरी को स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत ने इस जंग की भयावह तस्वीर सामने रख दी थी। अभी भी हालात बहुत बेहतर नहीं कहे जा सकते हैं।
ट्रम्प का बयान और खाड़ी समीकरण
इसी बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने खाड़ी देशों की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को ‘योद्धा’ तक कह दिया। सऊदी अरब, यूएई और कतर को उन्होंने मजबूत सहयोगी बताया। रिपोर्ट्स ये भी कहती हैं कि सऊदी अरब ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की सलाह दी है
आसमान में कौवे और सोशल मीडिया
तेल अवीव में बुधवार सुबह कौवों का एक बड़ा झुंड देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कुछ लोगों ने इसे आने वाली किसी बड़ी घटना का संकेत बताया। हालांकि एक्सपर्ट्स ने इन बातों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि ये सिर्फ मौसमी प्रवास है जो हर साल इसी समय होता है।
एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमले का दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका की तरफ से भी इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे स्थिति और भी अनिश्चित बनी हुई है
अमेरिका की तैयारी के संकेत साफ हैं
अमेरिका अब इस पूरे क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1000 सैनिक जल्द मिडिल ईस्ट भेजे जा सकते हैं। इस यूनिट को तेजी से तैनात होने वाली फोर्स माना जाता है। यह फोर्स 18 घंटे के भीतर दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंच सकती है।