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Indonesia Volcano Tourist Death

रील बनाने चढ़े थे ज्वालामुखी पर, अचानक हुआ धमाका और जिंदा जल गए 3 टूरिस्ट

इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी पर चेतावनी के बावजूद चढ़े टूरिस्ट हादसे का शिकार हो गए। विस्फोट के बाद 10KM ऊंची राख उठी और तीन लोगों की मौत हो गई।


रील बनाने चढ़े थे ज्वालामुखी पर अचानक हुआ धमाका और जिंदा जल गए 3 टूरिस्ट

Volcano Eruption in Indonesia |

सोशल मीडिया के लिए खतरनाक जगहों पर वीडियो और तस्वीरें बनाना इंडोनेशिया में तीन पर्यटकों की जान ले गया। माउंट डुकोनो ज्वालामुखी पर चेतावनी और नो-गो जोन के बावजूद हाइकर्स का एक समूह चढ़ाई कर रहा था, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद ज्वालामुखी से राख और धुएं का विशाल गुबार करीब 10 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंच गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो सिंगापुर के पर्यटक शामिल हैं। कई अन्य हाइकर्स किसी तरह जान बचाकर नीचे उतर पाए।

इंडोनेशियाई अधिकारियों का कहना है कि खतरे के साफ संकेत और प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद कई विदेशी पर्यटक सिर्फ सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए जोखिम उठा रहे हैं।

प्रतिबंधित इलाके में पहुंच गए थे 20 हाइकर्स

नॉर्थ हलमहेरा पुलिस के मुताबिक हादसे के वक्त ज्वालामुखी की ढलानों पर कुल 20 हाइकर्स मौजूद थे। इनमें 9 सिंगापुर के नागरिक थे, जबकि बाकी इंडोनेशियाई थे। पुलिस प्रमुख एरलिक्सन पासारीबू ने बताया कि अब तक 15 लोग सुरक्षित नीचे उतर चुके हैं। मृतकों के शव अभी भी पहाड़ पर मौजूद हैं। दो अन्य लोगों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में समूह को जाने की अनुमति कैसे मिली।

गाइड और पोर्टर पर हो सकती है कार्रवाई

हादसे के बाद समूह के गाइड और एक पोर्टर को पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया और हाइकर्स को प्रतिबंधित इलाके तक पहुंचाया। स्थानीय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। इंडोनेशिया में सक्रिय ज्वालामुखियों के आसपास सुरक्षा नियम काफी सख्त माने जाते हैं।

पुलिस का कहना है कि ट्रेल एंट्री पॉइंट पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। इसके अलावा सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों के जरिए भी लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा था।

महीनों पहले जारी हुई थी चेतावनी

इंडोनेशिया के सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजार्ड मिटिगेशन ने दिसंबर से ही माउंट डुकोनो के आसपास खतरे की चेतावनी जारी कर रखी थी। वैज्ञानिकों ने मालुपांग वारिरांग क्रेटर के आसपास बढ़ती भूकंपीय गतिविधियों को देखते हुए लोगों को 4 किलोमीटर के दायरे से दूर रहने को कहा था। स्थानीय लोग इस खतरे को समझते थे और इलाके में जाने से बच रहे थे। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक विदेशी पर्यटकों ने चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया।

सोशल मीडिया ट्रेंड बन रहा नया खतरा

पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि कई विदेशी पर्यटक सिर्फ वायरल वीडियो और एडवेंचर कंटेंट के लिए खतरनाक इलाकों में पहुंच रहे हैं। प्रशासन के लिए यह नई चुनौती बनती जा रही है। बीते कुछ वर्षों में दुनिया के कई देशों में “एक्सट्रीम कंटेंट टूरिज्म” तेजी से बढ़ा है। लोग बंद क्षेत्रों, ज्वालामुखियों और खतरनाक पहाड़ी इलाकों में जाकर वीडियो शूट करते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ कई बार सुरक्षा नियमों को पीछे छोड़ देती है। इंडोनेशिया की यह घटना उसी खतरे की बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है।

क्यों बार-बार फटते हैं इंडोनेशिया के ज्वालामुखी

इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय इलाका माना जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार टक्कर होती रहती है। देश में करीब 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं और यहां अक्सर भूकंप व विस्फोट जैसी घटनाएं होती रहती हैं। माउंट डुकोनो भी इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। हालांकि इस विस्फोट से आसपास की आबादी को तत्काल खतरा नहीं पहुंचा, क्योंकि ज्वालामुखी के करीब 9 किलोमीटर तक कोई बड़ी बस्ती मौजूद नहीं है।

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