ईरान-इजराइल तनाव के बीच 46 हजार टन LPG लेकर भारतीय जहाज ने होर्मुज पार किया। ईरान ने भारत से रिश्ते मजबूत करने की बात कही। ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम भी चर्चा में।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। 46 हजार टन से अधिक LPG लेकर आ रहा भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।
भारत का सातवां LPG टैंकर पार कर चुका है होर्मुज
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह भारत का सातवां LPG टैंकर है जिसने हालिया तनाव के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार किया है। जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। खाड़ी क्षेत्र में फिलहाल 18 भारतीय जहाज और 485 नाविक मौजूद हैं, जबकि अब तक 964 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह घटनाक्रम भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान ने याद दिलाया ऐतिहासिक रिश्ता
मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने इस दौरान भारत के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को याद किया। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि भारत और खासकर गुजरात का साझा इतिहास विशेष महत्व रखता है दोनों देशों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहा है ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह भविष्य में भारत के साथ सहयोग और संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।

अमेरिका का दबाव बढ़ा, 48 घंटे का अल्टीमेटम
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने ऐसा नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने तैनात किया नया एयर डिफेंस सिस्टम
लगातार हो रहे हवाई हमलों के बीच ईरान ने अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए नया एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। दावा किया गया है कि इस सिस्टम से दुश्मन विमानों को निशाना बनाया गया । ईरान का कहना है कि वह जल्द ही अपने एयरस्पेस पर नियंत्रण मजबूत करेगा हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है। यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ता है। ऐसे में भारतीय जहाज का सुरक्षित पार होना न सिर्फ आपूर्ति के लिहाज से राहत है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को संतुलित तरीके से संभाल रहा है।