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हिंदू कोई धर्म या पूजा पद्धति का नाम नहीं है, बल्कि हिन्दू एक जीवन पद्धति : वेंकैया नायडू

हिंदू कोई धर्म या पूजा पद्धति का नाम नहीं है, बल्कि हिन्दू एक जीवन पद्धति : वेंकैया नायडू
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शिकागो। भारत के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने यहां हिन्दू धर्म और विचार दर्शन की विस्तृत व्याख्या की और हिन्दू धर्म के साथ साथ हिंदुत्व के बारे में फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने का आह्वान किया। शिकागो में आयोजित तीन दिवसीय वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के समापन सत्र को सम्बोधित कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया, यही बताता है कि हिंदू संस्कृति सह अस्तित्व में विश्वास करती है।

भारत के उप राष्ट्रपति ने हिन्दू धर्म और विचार को संकुचित बताने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विश्व में सबसे उदार हमारा ही जीवन दर्शन है। हम विश्व को एक परिवार मानने वाले लोग हैं। यही संदेश इसी शिकागो की धरती से आज से 125 साल पहले स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को सुनाया था। उप राष्ट्रपति ने अनेक उदाहरण देकर बताया कि वस्तुतः हिंदू कोई धर्म या पूजा पद्धति का नाम नहीं है, बल्कि हिन्दू एक जीवन पद्धति है।

दुनिया के 60 देशों से आए करीब 2500 प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए भारत के उप राष्ट्रपति ने कहा कि हिंदुत्व कभी संकीर्ण और असहिष्णु हो ही नहीं सकता। यह उसके संस्कार में ही नहीं है। हमारे संस्कार में पशु - पक्षी से लेकर सांप और चींटी तक के संरक्षण की चिंता की गयी है। भगवान तक पहुंचने के सभी मार्गों को पूरा सम्मान दिया गया है। कितने भगवान हों और कौन भगवान हो, इस पर भी कोई रोकटोक नहीं है। इससे ज़्यादा उदार दूसरा कोई दर्शन नहीं है।

भारत के राष्ट्रपति ने शिकागो के आर्ट म्यूजियम में भी यही बातें दोहराते हुए विश्वभर में फैले भारतीय समुदाय से अपील की कि वे मातृभूमि और मातृभाषा को कभी न भूलें। शिकागो का आर्ट म्यूजियम वही जगह है जहां 11 सितम्बर 1893 को आयोजित धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने विश्व प्रसिद्ध भाषण दिया था। भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित समुदाय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व भर में भारतीय समाज जहां कहीं भी रहता है, वह किसी के लिए समस्या पैदा नहीं करता है। इसी वजह से उसे वहां सम्मान मिलता है और उसकी वजह से भारत को सम्मान की नजरों से देखा जाता है। उन्होंने तेजी से बदलते और आगे बढ़ते भारत के आंकड़े सामने रखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज की प्रशंसा की।

इससे पहले शिकागो में ही औद्योगिक जगत के लोगों से बात करते हुए भारत के उप राष्ट्रपति ने विश्व बैंक, अंतर राष्ट्रीय मुद्रा कोष, ईज ऑफ़ डूइंग बिजिनेस, मूडीज की रेटिंग का हवाला देते हुए कहा कि भारत में निवेश का यह सबसे अनुकूल माहौल है। हालांकि नोटबंदी के दौरान लोगों को हुई समस्या पर उन्होंने कहा कि इसे और बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए था ताकि लोगों को कम परेशानी होती।

Updated : 2018-09-12T00:06:28+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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