हंता वायरस को लेकर भारत सरकार अलर्ट मोड पर है। क्रूज शिप पर सवार दो भारतीय निगरानी में हैं। जानिए वायरस के लक्षण, खतरा और WHO का अपडेट।
कोरोना महामारी के बाद अब एक नए वायरस ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। हंता वायरस के मामलों ने कई देशों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। डच क्रूज शिप MV Hondius पर संक्रमण फैलने के बाद अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं। भारत सरकार ने भी इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं और स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जहाज पर मौजूद भारतीयों की क्या है स्थिति?
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक क्रूज शिप पर मौजूद दो भारतीय नागरिकों में फिलहाल हंता वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। दोनों को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है। भारत सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के संपर्क में बनी हुई है और स्थिति पर नजर रख रही है।
WHO ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक क्रूज शिप पर अब तक हंता वायरस के 8 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण की वजह से 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल वैश्विक जोखिम को “कम” बताया है, लेकिन सतर्कता बरतने की सलाह दी है। WHO की विशेषज्ञ डॉ. मारिया वान केरखोव ने कहा है कि यह वायरस कोविड-19 की तरह हवा में तेजी से नहीं फैलता।
भारत में हाई-लेवल मीटिंग
संक्रमण के खतरे को देखते हुए भारत ने अपनी सर्विलांस प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। National Centre for Disease Control और Integrated Disease Surveillance Programme स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को हाई-लेवल बैठक भी की। इसमें जांच सुविधाओं को मजबूत करने, यात्रियों की निगरानी और संक्रमण के जोखिम का आकलन करने पर चर्चा हुई।
क्या है एंडीज हंता वायरस?
क्रूज शिप पर हंता वायरस का एंडीज स्ट्रेन पाया गया है। यह स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका में मिलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह हंता वायरस का ऐसा स्ट्रेन है जो इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। इसी वजह से वैज्ञानिक इसे लेकर ज्यादा सतर्क हैं। हालांकि यह संक्रमण लंबे और करीबी संपर्क में आने पर ही फैलता है।
कैसे फैलता है यह वायरस?
हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के पेशाब, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित सतह या हवा में मौजूद वायरस कणों के संपर्क में आता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। एंडीज स्ट्रेन में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना भी बताई गई है।
हंता वायरस के लक्षण क्या हैं?
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं-
तेज बुखार
बदन दर्द
मांसपेशियों में दर्द
थकान
सिरदर्द
संक्रमण बढ़ने पर मरीज को सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका इनक्यूबेशन पीरियड लंबा होता है, यानी संक्रमण के कई दिनों बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसी वजह से आने वाले दिनों में और मामलों के सामने आने की आशंका जताई जा रही है।