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भारत पर बदले चीन के सुर, दिया बड़ा संदेश

भारत को लेकर बदले चीन के सुर, कहा- दुश्मन नहीं, एक-दूसरे के लिए मौका हैं; आखिर क्या संकेत दे रहा है बीजिंग?

भारत और चीन के रिश्तों को लेकर बीजिंग का बड़ा बयान सामने आया है। चीन ने दोनों देशों को सहयोगी साझेदार बताया और कहा कि वे एक-दूसरे के लिए अवसर हैं, खतरा नहीं। जानिए इस बयान के क्या मायने हैं।


भारत को लेकर बदले चीन के सुर कहा- दुश्मन नहीं एक-दूसरे के लिए मौका हैं आखिर क्या संकेत दे रहा है बीजिंग

International Desk | 08 June 2026: भारत और चीन के रिश्तों को लेकर सोमवार को बीजिंग से ऐसा बयान आया जिसने एशियाई कूटनीति पर नई चर्चा छेड़ दी है। चीन ने साफ कहा है कि भारत और चीन को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी साझेदार मानना चाहिए। इतना ही नहीं, बीजिंग ने दोनों देशों को एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर बताया, खतरा नहीं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में भारत और चीन के बीच बढ़ते संवाद और सहयोग की सराहना की थी। ऐसे में चीन की यह टिप्पणी सिर्फ एक सामान्य कूटनीतिक बयान नहीं मानी जा रही, बल्कि क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से भी अहम संकेत दे रही है।

पुतिन की टिप्पणी के बाद क्यों बदले चीन के तेवर?

दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में भारत और चीन के संबंधों को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देश आपसी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और रूस अपने दोनों मित्र देशों के साथ लगातार संपर्क में है।

जब बीजिंग में इस टिप्पणी को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भारत और चीन को दीर्घकालिक और रणनीतिक नजरिए से अपने रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहिए। उनके मुताबिक दोनों देश दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शामिल हैं और उनके स्थिर संबंध पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सीमा विवाद के बीच सहयोग पर जोर

चीन की ओर से यह भी कहा गया कि फिलहाल सीमा क्षेत्रों की स्थिति सामान्य रूप से स्थिर है और दोनों देशों के बीच संवाद के चैनल सक्रिय हैं। बीजिंग का दावा है कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए मतभेदों को संभाल रहे हैं। हालांकि, भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद और सैन्य तनाव बड़े मुद्दे रहे हैं। यही वजह है कि चीन का यह नरम रुख कई विशेषज्ञों का ध्यान खींच रहा है। अब समझिए, जब सीमा से लेकर व्यापार तक कई मुद्दों पर दोनों देशों के हित जुड़े हों, तब ऐसे बयान भविष्य की कूटनीतिक दिशा का संकेत भी माने जाते हैं।

पाकिस्तान, रूस और क्षेत्रीय राजनीति पर भी दिया संदेश

भारत की ओर से अक्सर चीन-पाकिस्तान संबंधों को लेकर चिंता जताई जाती रही है। इस मुद्दे पर भी बीजिंग ने प्रतिक्रिया दी। चीन ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवाद बनाए रखने का समर्थक है और दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से मतभेद सुलझाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके साथ ही चीन ने भारत-रूस-चीन त्रिपक्षीय सहयोग को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। बीजिंग का कहना है कि तीनों देशों के अच्छे संबंध न केवल उनके राष्ट्रीय हितों बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं। 

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