नौतपा शुरू होने से पहले ही उत्तर भारत में भीषण गर्मी ने कहर बरपा दिया है। यूपी के बांदा में तापमान 48°C पहुंचा और बलरामपुर में 8 छात्राएं गर्मी से बेहोश हो गईं।
उत्तर भारत में गर्मी ने नौतपा शुरू होने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ हालात बना दिए हैं। यूपी के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। गर्मी का असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। बलरामपुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ाई के दौरान 8 छात्राएं बेहोश हो गईं। सभी को उल्टी, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
देश के कई हिस्सों में लू और तेज धूप ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 46 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है।
दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुआ बांदा
मौसम रिकॉर्ड्स के मुताबिक 20 मई को यूपी का बांदा दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 48°C दर्ज किया गया। इससे ऊपर सिर्फ मिस्र के असवान में 49.4°C और सऊदी अरब के अराफात में 48.4°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं खजुराहो 47.4°C के साथ दुनिया के टॉप गर्म शहरों में चौथे स्थान पर रहा। यह स्थिति साफ दिखाती है कि भारत का मध्य और उत्तरी हिस्सा इस समय भीषण हीट स्ट्रेस से गुजर रहा है।
स्कूल में गर्मी के असर से 8 छात्राएं बेहोश
बलरामपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में गर्मी का असर गंभीर रूप से देखने को मिला। पढ़ाई के दौरान अचानक कई छात्राएं चक्कर खाकर गिर पड़ीं। डॉक्टरों के अनुसार सभी छात्राओं में हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण पाए गए हैं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी के कारण यह स्थिति बनी और स्कूलों में गर्मी से बचाव के उपायों की जरूरत और बढ़ गई है।
देशभर में 46°C से ऊपर पहुंचा पारा
गुरुवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात के कई शहरों में तापमान 46 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के वर्धा में 47.1°C, हरियाणा के रोहतक में 46.9°C, नागपुर में 46.6°C और मध्य प्रदेश के नौगांव में भी पारा 46.6°C तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने शहरों में दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। बाजारों और सड़कों पर भी भीड़ पहले की तुलना में कम देखी जा रही है।
क्यों सबसे ज्यादा तप रहा है बांदा
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बांदा में तापमान ज्यादा रहने की मुख्य वजह इसका भौगोलिक स्थान है। यह कर्क रेखा के नजदीक स्थित है, जहां सूर्य की सीधी किरणें ज्यादा प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा साफ आसमान, नमी की कमी, सूखते जल स्रोत, जंगलों की कटाई और खनन जैसी वजहें भी गर्मी को और बढ़ा देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संयोजन क्षेत्र को हीट ट्रैप जैसी स्थिति में पहुंचा देता है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।
मानसून की धीमी चाल और बदलता मौसम पैटर्न
मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल अंडमान-निकोबार और आसपास के क्षेत्र में ठहरा हुआ है और आगे नहीं बढ़ पा रहा है। दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश के संकेत हैं, जबकि उत्तर और मध्य भारत फिलहाल भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 22 और 23 मई को कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
इस असमान मौसम पैटर्न ने देशभर में तापमान और बारिश के बीच बड़ा अंतर पैदा कर दिया है, जिससे एक तरफ राहत और दूसरी तरफ भीषण गर्मी का दोहरा असर देखने को मिल रहा है।