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विनय कुलकर्णी अयोग्य, हत्या केस में सजा

कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी अयोग्य: हत्या केस में सजा के बाद गई कुर्सी, अब आगे क्या होगा?

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित किया गया। जानिए पूरा मामला, आरोप और आगे क्या होगा।


कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी अयोग्य हत्या केस में सजा के बाद गई कुर्सी अब आगे क्या होगा

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया है यह फैसला 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है, यानी जिस दिन अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। अब धारवाड़ विधानसभा सीट खाली हो गई है। सवाल यह है कि इसका राजनीतिक असर कितना बड़ा होगा?

अयोग्यता पर विधानसभा का फैसला

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर साफ कर दिया कि विनय कुलकर्णी अब विधायक नहीं रहेंगे अधिसूचना के मुताबिक, उनकी अयोग्यता सजा पूरी होने के बाद भी छह साल तक जारी रहेगी, जब तक किसी उच्च अदालत से राहत नहीं मिलती। यह कार्रवाई संविधान और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है।

क्या था पूरा मामला?

अब समझिए पूरा मामला, जो कई साल पुराना है लेकिन असर अब दिखा है 15 जून 2016 को धारवाड़ में भाजपा नेता योगेश गौड़ा की जिम के अंदर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। योगेश गौड़ा को कुलकर्णी का राजनीतिक प्रतिद्वंदी माना जाता था। इसी वजह से इस केस ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था।

अदालत का फैसला और सजा

इस मामले में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 15 अप्रैल 2026 को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने विनय कुलकर्णी समेत 16 लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यही वो फैसला था, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर सीधा असर पड़ा।

कुलकर्णी पर क्या आरोप लगे थे?

सिर्फ हत्या की साजिश ही नहीं, बल्कि उन पर गवाहों को प्रभावित करने के भी आरोप लगे थे। सीबीआई ने अदालत में यह दलील दी थी कि कुलकर्णी जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद उनकी जमानत भी रद्द कर दी गई थी। हालांकि बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया और कानूनी लड़ाई जारी रखी।

राजनीति में क्यों बढ़ा विवाद?

यही सवाल अब उठ रहा है कि अयोग्यता में देरी क्यों हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने पहले कहा था कि आधिकारिक सूचना मिलने के बाद  फैसला लिया जाएगा। लेकिन विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर सवाल उठाए। भाजपा ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया, जिससे मामला और गरमा गया। 

 अब आगे क्या होगा?

फिलहाल धारवाड़ सीट खाली हो चुकी है, ऐसे में यहां उपचुनाव की संभावना बन गई है. दूसरी तरफ, विनय कुलकर्णी ने अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर कर दी है। अगर उन्हें अदालत से राहत मिलती है, तो उनकी राजनीतिक वापसी की राह खुल सकती है।  

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