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Vande Mataram Row: BJP vs Congress

क्या सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका? सोनिया गांधी के इशारे पर BJP का सवाल, कांग्रेस ने दी सफाई

कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् को लेकर विवाद; BJP ने सोनिया और राहुल गांधी पर गीत रोकने का आरोप लगाया, जयराम रमेश ने दी सफाई


क्या सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका सोनिया गांधी के इशारे पर bjp का सवाल कांग्रेस ने दी सफाई

क्या सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका? सोनिया गांधी के इशारे पर BJP का सवाल, कांग्रेस ने दी सफाई |

नई दिल्ली। देश शनिवार को आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में भी तिरंगा फहराया गया और वंदे मातरम् का गायन हुआ। हालांकि, गीत के दौरान कथित तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के इशारे को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के शुरुआती अंतरे के बाद सोनिया गांधी ने इसे रोकने का इशारा किया। राहुल गांधी पर भी गीत बंद करने का इशारा करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वंदे मातरम् के गायन में कोई व्यवधान नहीं हुआ।

BJP ने सोनिया गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

BJP प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के दौरान सोनिया गांधी नाराज हुईं और कार्यकर्ताओं से गीत रोकने के लिए कहा। BJP नेता अमित मालवीय ने भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए। उनका दावा है कि वंदे मातरम् के शुरुआती छंद गाए जाने के बाद सोनिया गांधी ने गीत रोकने का प्रयास किया। उन्होंने राहुल गांधी के इशारे का भी जिक्र किया।

कांग्रेस ने कहा- वंदे मातरम् को लेकर कोई विवाद नहीं

BJP के आरोपों के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पार्टी का पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम् को लेकर कोई विवाद नहीं है और इसके गायन में किसी तरह का व्यवधान नहीं हुआ। जयराम रमेश ने वंदे मातरम् के कांग्रेस से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और जवाहरलाल नेहरू समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे। उनके मुताबिक, इसी बैठक में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियों को कांग्रेस अधिवेशनों में गाने का निर्णय लिया गया था।

पवन खेड़ा और गहलोत ने भी दी सफाई

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी BJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस में कोई विवाद नहीं है।

छह अंतरों को लेकर क्यों उठ रहा सवाल?

वंदे मातरम् में कुल छह अंतरे हैं। अब तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्य रूप से शुरुआती दो अंतरों के गायन की परंपरा रही है। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से 2026 में जारी नए प्रोटोकॉल में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों के गायन का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस मुख्यालय में हुए गायन का वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

फिलहाल विवाद का केंद्र सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कथित इशारे हैं। कांग्रेस का कहना है कि गीत के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ। कार्यक्रम के पूरे वीडियो और संदर्भ के आधार पर ही यह स्पष्ट किया जा सकता है कि संबंधित इशारे का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

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