उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में पिकअप खाई में गिरने से 8 की मौत। पीएम मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया, घायलों का इलाज जारी।
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब एक पिकअप वाहन करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया। सभी लोग हरिद्वार से एक परिजन के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे।जिला प्रशासन के अनुसार, वाहन चंबा-कोटी मार्ग पर नैल गांव के पास अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

राहत-बचाव अभियान में जुटी टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। रस्सियों के सहारे घायलों और शवों को खाई से बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतकों और घायलों की पहचान
प्रशासन ने बताया कि मृतकों में आशा लाल (40), विजय लाल (36), प्रेम लाल (60), महावीर (60), शिव सिंह (35), सेहत लाल (65) और लक्ष्मण (33) शामिल हैं, जबकि एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। घायलों की पहचान अंकित (35) और उत्तम कुमार (30) के रूप में हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
कैसे हुआ हादसा
प्रशासन के मुताबिक, सभी लोग सुबह हरिद्वार के लिए निकले थे और दोपहर में भोजन करने के बाद लौट रहे थे। शाम करीब 4:15 बजे नैल गांव के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और खाई में गिर गया।उपजिलाधिकारी के अनुसार, वाहन में ड्राइवर समेत कुल 11 लोग सवार थे और सभी घनसाली क्षेत्र के आसपास के गांवों के रहने वाले थे।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है। पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।
सीएम धामी ने दिए निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हादसे पर शोक जताया और जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संकरी सड़कों, तीखे मोड़ों और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसे हादसे अक्सर सामने आते रहते हैं।स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।