मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। दतिया, बांकीपुर और मंजलपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर गुरुवार सुबह 7 बजे से उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई है। सबसे अधिक नजरें मध्य प्रदेश की दतिया और बिहार की बांकीपुर सीट पर हैं, जहां मुकाबला राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
दतिया, बांकीपुर और मंजलपुर सीटों पर मतदान शाम 6 बजे तक होगा। प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। शुरुआती घंटों में मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि पटना के बांकीपुर में भाजपा और जन सुराज समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई है।
दतिया में 2.20 लाख से अधिक मतदाता
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 2.20 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 16 कंपनियों के 1,422 जवान तैनात किए गए हैं। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ पहुंचकर दर्शन किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने मतदान करने के बाद अपनी जीत का दावा किया। घनश्याम सिंह ने मॉडल पोलिंग स्टेशन स्थित बूथ नंबर-185 पर वोट डाला।
दतिया सीट क्यों बनी चर्चा का केंद्र?
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी। उन्हें बैंक घोटाला मामले में सजा मिलने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किया गया था।भाजपा ने इस सीट पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट बदलने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर विरोध भी देखने को मिला था। बाद में नरोत्तम मिश्रा को खुद कार्यकर्ताओं से तिवारी के समर्थन की अपील करनी पड़ी। दूसरी ओर कांग्रेस में भी टिकट को लेकर लंबे समय तक अंदरूनी खींचतान रही।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा
बिहार की बांकीपुर सीट इस उपचुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और राजद की रेखा गुप्ता से है।इस सीट पर 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और करीब 3.79 लाख मतदाता वोट डालेंगे। लालू परिवार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद रविशंकर प्रसाद, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और कई अन्य वीवीआईपी भी इसी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
मतदान के बीच किदवईपुरी इलाके में भाजपा और जन सुराज समर्थकों के बीच विवाद की खबर भी सामने आई। जन सुराज ने भाजपा पर मतदाताओं को रोकने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने फर्जी मतदान की कोशिश का दावा किया है।
मंजलपुर में भाजपा की परंपरागत सीट पर मुकाबला
गुजरात की वडोदरा स्थित मंजलपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद खाली हुई थी। योगेश पटेल 1990 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे और आठ बार विधायक चुने गए थे।इस बार भाजपा ने सतीश पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी पर दांव लगाया है। मंजलपुर भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है और पार्टी इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश में है।
अब निगाहें मतदान प्रतिशत पर
तीनों राज्यों में फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। राजनीतिक दलों की नजर अब मतदान के रुझान और शाम तक दर्ज होने वाले कुल वोट प्रतिशत पर रहेगी, क्योंकि यही आने वाले नतीजों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।