नेपाल सीमा के पास TMC नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार किया गया। उन पर अवैध वसूली समेत कई मामलों के आरोप हैं। STF उन्हें कोलकाता ला रही है।
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा के नजदीक से हिरासत में लिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह राज्य से बाहर निकलने की तैयारी में थे। जहांगीर खान का नाम हाल के महीनों में कई विवादों से जुड़ा रहा है और उनके खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता लाया जा रहा है। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।
अवैध वसूली के आरोपों में कार्रवाई
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जहांगीर खान पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि उनके समर्थकों पर महिलाओं को धमकाने और गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। इन घटनाओं के बाद से ही जहांगीर खान जांच एजेंसियों के रडार पर थे।
फालता चुनाव के बाद से सार्वजनिक जीवन से दूर थे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जहांगीर खान ने फालता सीट से किस्मत आजमाई थी। चुनाव के दौरान विवाद और शिकायतों के चलते निर्वाचन आयोग को इस सीट पर दोबारा मतदान कराना पड़ा था। दिलचस्प बात यह रही कि पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले जहांगीर ने चुनावी दौड़ से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद उनका नाम चर्चा में बना रहा। चुनाव परिणाम आने के बाद वह सार्वजनिक तौर पर बेहद कम दिखाई दिए और पार्टी गतिविधियों से भी दूरी बनाए हुए थे।
हाईकोर्ट से मांगी थी गिरफ्तारी से राहत
मई 2026 में जहांगीर खान ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अदालत से अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ लगातार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि बाद में अदालत की ओर से मिली सुरक्षा समाप्त हो गई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल गया।
'पुष्पा' अंदाज से बटोरी थी सुर्खियां
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान ने खुद को एक दबंग नेता के रूप में पेश करने की कोशिश की थी। उन्होंने कई सभाओं में फिल्म 'पुष्पा' के लोकप्रिय डायलॉग का इस्तेमाल किया और इसी अंदाज ने उन्हें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना दिया था। हालांकि चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे। फालता सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की, जबकि जहांगीर खान वोटों की दौड़ में काफी पीछे रह गए। चुनावी हार के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव भी कमजोर पड़ता दिखाई दिया।
अब उनकी गिरफ्तारी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकती हैं और मामले में नए खुलासे भी सामने आ सकते हैं।