थलापति विजय की TVK सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है। AIADMK विधायकों के समर्थन की हलचल से तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव दिख रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में अचानक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। फिल्म स्टार से नेता बने थलापति विजय अब सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। उनकी पार्टी TVK बहुमत से सिर्फ 10 सीट दूर थी। लेकिन अब समर्थन खुद उनके दरवाजे तक आता दिख रहा है। इससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
खास बात ये है कि यह बदलाव पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के ढांचे को भी चुनौती देता नजर आ रहा है, जहां दशकों से DMK और AIADMK का दबदबा रहा है।
AIADMK विधायकों की हलचल ने बढ़ाई हलचल
चेन्नई में AIADMK के कई विधायक एक साथ जुटे। ये बैठक राज्यसभा नेता सीवी षणमुगम के दफ्तर में हुई, जहां करीब 35 विधायक पहुंचे। यह संख्या पार्टी के दो-तिहाई के करीब मानी जा रही है। इन विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से TVK के साथ गठबंधन पर विचार करने की बात कही है। अगर यह कदम आगे बढ़ता है तो विजय के लिए सत्ता का रास्ता लगभग साफ हो सकता है।
बहुमत से 10 सीट दूर, अब समीकरण बदलते हुए
तमिलागा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा जरूरी है, यानी विजय अभी थोड़ा पीछे हैं। लेकिन कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन पहले ही मिल चुका है। अब अगर AIADMK के विधायक साथ आते हैं, तो यह कमी आसानी से पूरी हो सकती है। विजय की टीम CPI और अन्य छोटे दलों से भी संपर्क में है। इससे नंबर गेम और मजबूत हो सकता है।
AIADMK का आधिकारिक रुख अभी भी सस्पेंस में
पार्टी प्रवक्ता कोवाई सत्यन ने साफ किया कि गठबंधन का फैसला हाईकमान करेगा। उन्होंने पार्टी में किसी तरह की टूट से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अंदरूनी स्तर पर हलचल जरूर है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। इस बीच TVK ने औपचारिक रूप से किसी पार्टी को न्योता नहीं दिया है, जिससे स्थिति और दिलचस्प बन गई है।
द्रविड़ राजनीति का बदलता चेहरा
इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका DMK और AIADMK दोनों को लगा है। DMK सिर्फ 59 सीटों पर सिमट गई, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। वहीं, कांग्रेस को 5 सीटें और बाकी छोटे दलों को सीमित सफलता मिली। ऐसे में TVK का उभार राज्य की राजनीति में नई दिशा का संकेत देता है। अगर विजय सरकार बनाने में सफल होते हैं, तो यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
शपथ से पहले समर्थन की दौड़ तेज
अब नजर इस बात पर है कि विजय 118 का आंकड़ा कब और कैसे पार करते हैं। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण की तैयारी की चर्चा भी तेज हो गई है। आज कांग्रेस की बैठक में आधिकारिक समर्थन का ऐलान हो सकता है। वहीं वाम दलों के रुख पर भी सबकी नजर टिकी है। राज्य की राजनीति अब हर घंटे बदलती दिख रही है, और विजय इस पूरे खेल के केंद्र में हैं।