तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थलपति विजय के शपथ ग्रहण में पिता एस.ए. चंद्रशेखर भावुक हो गए। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बेटे की सफलता को अपना सपना बताया।
चेन्नई। तमिल सिनेमा के बड़े स्टार थलपति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राजनीति में नया अध्याय शुरू कर दिया। लंबे समय से उनके राजनीतिक कदमों पर नजर रख रहे समर्थकों के लिए यह दिन बेहद खास रहा। शपथ ग्रहण समारोह में सिर्फ राजनीतिक चेहरे ही नहीं, बल्कि विजय का पूरा परिवार भी मौजूद था। मंच पर सत्ता की औपचारिकता दिखी, लेकिन कैमरों ने परिवार की भावनाएं भी कैद कर लीं।
सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की हुई, जब विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर मीडिया से बात करते हुए भावुक नजर आए। बेटे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने पुराने संघर्षों को याद किया।
बेटे की सफलता देख पिता को याद आए संघर्ष के दिन
फिल्ममेकर और अभिनेता एस.ए. चंद्रशेखर ने कहा कि विजय ने उनका सपना पूरा कर दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने 1974 का वह दौर याद किया, जब विजय का जन्म हुआ था और वह खुद असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उस समय आर्थिक हालात इतने कठिन थे कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया था। अब उसी बेटे को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनते देख उनकी आंखें भर आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी उनका भावुक अंदाज लोगों को छू गया। कई यूजर्स ने इसे संघर्ष से सफलता तक की असली कहानी बताया।
शपथ समारोह में दिखी फिल्म इंडस्ट्री की मौजूदगी
विजय के शपथ ग्रहण समारोह में अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में विजय को बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक पल बताया। तमिल फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति का रिश्ता हमेशा चर्चा में रहा है। ऐसे में विजय का मुख्यमंत्री बनना सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि सिनेमा और सत्ता के पुराने कनेक्शन की नई कड़ी भी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता ने उन्हें सीधे जनता से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनके शपथ समारोह को लेकर लोगों में अलग उत्साह दिखा।
मदर्स डे से पहले मां को मिला खास तोहफा
समारोह के दौरान विजय की मां भी काफी भावुक दिखीं। उन्होंने कहा कि बेटे का मुख्यमंत्री बनना उनके लिए मदर्स डे का सबसे बड़ा उपहार है। परिवार के इस भावनात्मक माहौल के बीच एक बात ने लोगों का ध्यान खींचा। विजय के बच्चे जेसन और दिव्या इस बड़े मौके पर मौजूद नहीं थे। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। हालांकि समारोह का केंद्र विजय की नई राजनीतिक शुरुआत और परिवार की भावनाएं ही रहीं। तमिलनाडु की राजनीति में अब उनकी अगली चाल पर सबकी नजर टिकी हुई है।