अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के प्रति आक्रामक रुख के चलते भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 700 अंक और निफ्टी 250 अंक टूट गए।
Stock Market Crash: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर आक्रामक रुख और होर्मुज पर नियंत्रण के दावे के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 250 अंक से अधिक टूट गया।
शेयर बाजार में बुधवार की शुरुआत निवेशकों के लिए बेहद खराब रही। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार शुरू होते ही Sensex और Nifty दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
खुलते ही 700 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स
बीएसई का 30 शेयरों वाला Sensex मंगलवार के 76,944 के स्तर के मुकाबले 76,471 पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली और तेज हुई और सेंसेक्स गिरकर 76,135 के स्तर तक पहुंच गया। इस तरह इंडेक्स में पिछले बंद स्तर की तुलना में 700 अंक से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।बाजार में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ गई। खासतौर पर ग्लोबल टेंशन से जुड़े जोखिमों के चलते बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
Nifty भी 24 हजार के नीचे
सेंसेक्स के साथ ही Nifty 50 में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली। निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र के 24,055 के बंद स्तर के मुकाबले 23,858 पर खुला।इसके बाद इंडेक्स और नीचे फिसला और शुरुआती कारोबार में 23,786 के स्तर तक पहुंच गया। यानी निफ्टी में भी 250 अंक से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप के बयान से बढ़ी बाजार की चिंता
भारतीय शेयर बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज पर नियंत्रण का दावा किए जाने और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी।भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसका सीधा दबाव दुनिया भर के शेयर बाजारों और निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर अब ग्लोबल संकेतों पर
बुधवार के कारोबार में निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेतों पर रहेगी। अगर तनाव और बढ़ता है तो भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।