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शेयर बाजार में भारी गिरावट!

क्रूड ऑयल की आग में झुलसा शेयर बाजार! सेंसेक्स 300 अंक टूटा, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स 300 अंक और निफ्टी कई पॉइंट्स नीचे गिरे।


क्रूड ऑयल की आग में झुलसा शेयर बाजार सेंसेक्स 300 अंक टूटा बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

AI |

प्री-ओपनिंग में 454 अंक तक लुढ़का सेंसेक्स, वेस्ट एशिया तनाव और महंगे कच्चे तेल ने बिगाड़ा बाजार का मूड

शुक्रवार (7 अगस्त) को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स 454 अंक तक टूट गया था और निफ्टी 24,550 के नीचे पहुंच गया। कारोबार शुरू होने के बाद कुछ रिकवरी जरूर हुई, लेकिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक गिरकर 78,600 और निफ्टी 24,580 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

क्यों टूटा शेयर बाजार?

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का रहा। इन दोनों वजहों से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ और उन्होंने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया।

प्री-ओपनिंग से ही मिले थे गिरावट के संकेत

शुक्रवार सुबह ही बाजार में कमजोरी के संकेत मिलने लगे थे। गिफ्ट निफ्टी करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 24,653 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिससे यह साफ हो गया था कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में रहने वाली है।

बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे बैंकिंग इंडेक्स पर दबाव बना। दूसरी ओर आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिसने बाजार को कुछ हद तक संभालने का काम किया।

आगे किस पर रहेगी निवेशकों की नजर?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वेस्ट एशिया के घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं हुआ तो बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर आगे भी जारी रह सकता है।

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