भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कमजोरी देखी गई। सेंसेक्स 300 अंक गिरा, निफ्टी पर भी दबाव। तेल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल तनाव बाजार पर हावी।
हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए दबाव के संकेतों के साथ हो रही है। सोमवार सुबह GIFT निफ्टी करीब 87 अंक नीचे कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।शुक्रवार को लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए थे। हालांकि, अब ग्लोबल संकेतों ने बाजार के सामने एक बार फिर चुनौती खड़ी कर दी है।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
भारतीय बाजार के साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी आज गिरावट देखने को मिल रही है।दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.31% नीचे 6,707 पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई 1.57% गिरकर 65,362 पर है। वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.69% की गिरावट के साथ 25,416 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ग्लोबल बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार के शुरुआती सेंटीमेंट पर भी पड़ा है।
अमेरिकी बाजार में भी रही थी गिरावट
भारतीय बाजार खुलने से पहले अमेरिकी बाजारों का रुख भी कमजोर रहा था। 28 अगस्त को डाउ जोन्स 9 अंक नीचे, नैस्डैक 139 अंक गिरकर और S&P 500 करीब 19 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।नैस्डैक में 0.52% और S&P 500 में 0.25% की गिरावट दर्ज की गई थी।
DII की खरीदारी जारी, FII रहे बिकवाल
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे रही है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 7 दिनों में DII ने 16,817 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। पिछले 30 दिनों में यह आंकड़ा 53,679 करोड़ रुपए रहा है।इसके उलट विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI ने पिछले 7 दिनों में 3,242 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की है। हालांकि 30 दिनों के आंकड़े में FII/FPI की खरीदारी 454 करोड़ रुपए की रही है।यानी घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेत फिलहाल दबाव बढ़ा रहे हैं।
शुक्रवार की तेजी के बाद बाजार में लौटी गिरावट
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। 28 अगस्त को सेंसेक्स 331 अंक चढ़कर 77,265 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी करीब 85 अंक की बढ़त के साथ 24,176 के स्तर पर बंद हुआ।एक दिन की तेजी के बाद सोमवार को बाजार में फिर बिकवाली हावी है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कारोबार आगे बढ़ने के साथ सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती नुकसान की कितनी भरपाई कर पाते हैं।
क्रूड 90 डॉलर के पार
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है।तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए अहम है, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। साथ ही, जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने से निवेशकों का जोखिम लेने का रुख भी प्रभावित हो सकता है।