प्रयागराज में ट्रेन हादसे में 5 लोगों की मौत। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से हुआ हादसा, रेलवे और प्रशासन जांच में जुटा। सीएम योगी ने जताया शोक।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मंगलवार शाम एक बड़ा रेल हादसा हो गया। यमुनापार क्षेत्र में करछना–भीरपुर रेलखंड के बीच 5 यात्रियों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।
कैसे हुआ हादसा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, डाउन लाइन पर चल रही नेता जी एक्सप्रेस के लोको पायलट को ट्रैक पर एक शव दिखाई दिया। इसके बाद ट्रेन को तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया। ट्रेन रुकने पर कुछ यात्री जनरल कोच से उतरकर पास के दूसरे ट्रैक पर चले गए।इसी दौरान सामने से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस तेज गति से उस ट्रैक से गुजर रही थी। अचानक ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और 5 लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
रेलवे अधिकारियों का बयान
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि घटना शाम करीब 6:15 बजे की है। ट्रैक पर शव मिलने की सूचना मिलते ही ट्रेन को रोका गया था। इसके कुछ समय बाद करीब 6:47 बजे पुरुषोत्तम एक्सप्रेस वहां से गुजरी, जिसके दौरान यह हादसा हुआ।रेलवे प्रशासन ने कहा है कि पूरी घटना की जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी।

मौके पर पहुंची टीमें, पहचान की कोशिश जारी
हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पहचान की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, अन्य यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है।
पहले से ट्रैक पर पड़े शव की भी जांच
रेलवे और पुलिस इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि ट्रैक पर पहले से मौजूद शव किसका था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। यह पहलू जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन रुकने की स्थिति में बिना कारण नीचे न उतरें और ट्रैक पर जाने से बचें। सुरक्षा नियमों का पालन करना इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बेहद जरूरी बताया गया है।