प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता पिता से फोन पर बात की। कैप्टन तबुक के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और उनके माता पिता से फोन पर बात की। मोदी ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और कैप्टन की बहादुरी की खुलकर तारीफ की। बुधवार को कॉकपिट में को पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई थी।
तबुक के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती
सरकारी सूत्रों के मुताबिक कैप्टन मच्छार इस वक्त सऊदी अरब के तबुक के एक अस्पताल में आईसीयू में हैं। उनका इलाज चल रहा है और हालत स्थिर बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार चाकू के हमले में वे बुरी तरह जख्मी हुए थे। परिवार से बातचीत में मोदी ने बताया कि भारतीय दूतावास लगातार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और परिवार को हर तरह की सहायता दी जा रही है।
मोदी ने एक्स पर बताया नायक
फोन करने से पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन मच्छार को नायक कहा था। उन्होंने लिखा कि सबसे गंभीर खतरे और गंभीर चोट के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस दिखाया। मोदी के मुताबिक इसी साहस से सैकड़ों जानें बचीं और बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कहा कि देश को कैप्टन मच्छार पर गर्व है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की तारीफ
मोदी के अलावा इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन की बहादुरी को सराहा। नेतन्याहू ने कहा कि चाकू से हमले और गंभीर चोट के बावजूद कैप्टन ने हमलावर को रोका और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्री और क्रू हमलावर को काबू कर सके और हवा में भयावह हादसा टल गया। नेतन्याहू के मुताबिक कैप्टन ने इजराइली नागरिकों और दूसरे देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। उन्होंने उन्हें सच्चा नायक बताया।
उस दिन कॉकपिट में क्या हुआ था
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। बुधवार को कॉकपिट में को पायलट ने कैप्टन मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। खून से लथपथ होने के बाद भी कैप्टन ने कॉकपिट का लॉक खोल दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद यात्री और क्रू अंदर पहुंचे और हमलावर को दबोच लिया। जानकारी के मुताबिक हमलावर विमान को क्रैश कराना चाहता था। विमान में तब 174 लोग सवार थे। बाद में उसे सुरक्षित तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में कैप्टन ऑक्सीजन मास्क पहने खून से लथपथ गैली में लेटे दिखे।
इजरायली पीएम ने भी की तारीफ
फ्लाईदुबई विमान घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से भी कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना किए जाने की बात सामने आई है। उनके बयान में घटना की तुलना 9/11 जैसे हमले की आशंका से की गई है। हालांकि, इस दावे और घटना की आधिकारिक परिस्थितियों का विवरण संबंधित जांच एजेंसियों तथा विमानन अधिकारियों के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
कैप्टन स्मित की बहादुरी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि जब पूरा देश भारतीय पायलट के साहस की चर्चा कर रहा है, तब राहुल गांधी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। पात्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के जरिए राहुल गांधी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया। भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं से कैप्टन स्मित की बहादुरी पर प्रतिक्रिया की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान
कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना को लेकर देश के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान भी किया गया ।
* श्री सोमनाथ मंदिर: कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना को लेकर विशेष महापूजा तथा महामृत्युंजय मंत्रजाप किया गया ।
* काशी विश्वनाथ धाम: स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना के लिए रुद्राभिषेक तथा विशेष मंत्रजाप किए गए है।
* कालकाजी मंदिर, दिल्ली: कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विशेष पूजा की गई।
* खजराना गणेश मंदिर, इंदौर में भी भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया ने कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ पूजा-अर्चना की।
13 साल से ज्यादा का अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार अनुभवी पायलट हैं। कमर्शियल एविएशन में उनके पास 13 साल से ज्यादा का अनुभव है और वे 9,750 से अधिक घंटे विमान उड़ा चुके हैं। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर काम किया था।