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PM Modi 5 Nation Visit Energy

ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा विदेश दौरा, खाड़ी तेल से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक बनेगा नया रोडमैप

पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच पीएम मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों का दौरा करेंगे। यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन और व्यापार पर बड़ा फोकस रहेगा।


ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा विदेश दौरा खाड़ी तेल से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक बनेगा नया रोडमैप

PM Modi Foreign Tour News |

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ी है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरे का केंद्र ऊर्जा सहयोग और नई तकनीकों पर साझेदारी रहेगा। 

यह यात्रा भारत की उस रणनीति को दिखाती है जिसमें देश अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

UAE दौरा, ऊर्जा साझेदारी और प्रवासी भारतीय

दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग इस बातचीत का मुख्य एजेंडा रहेगा। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता है। इसके अलावा 45 लाख से अधिक भारतीयों की मौजूदगी और उनके हितों पर भी चर्चा होगी, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।

नीदरलैंड और स्वीडन में ग्रीन टेक्नोलॉजी पर फोकस

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड जाएंगे, जहां ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और इनोवेशन पर साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके बाद स्वीडन में ग्रीन ट्रांजिशन और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर बातचीत होगी। यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार और उद्योग सहयोग भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहेगा। दोनों देशों के साथ भारत का व्यापार अरबों डॉलर में पहुंच चुका है, जो इस साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।

नॉर्वे में ब्लू इकॉनमी और नॉर्डिक देशों का शिखर सम्मेलन

नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ऐतिहासिक होगी, क्योंकि 43 वर्षों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां जा रहा है। यहां ब्लू इकॉनमी, समुद्री संसाधनों और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में कई देशों के नेता शामिल होंगे। इस सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होगी।

इटली में अंतिम पड़ाव, निवेश और तकनीक पर बातचीत

दौरे का अंतिम चरण इटली में होगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात करेंगे। यहां स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान, तकनीक और निवेश सहयोग को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। इस पूरे दौरे को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

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