नासिक धर्मांतरण मामले में पीड़िता ने उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अपमानजनक टिप्पणियों के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने जांच तेज की, अभी तक 8 लोग गिरफ्तार।
महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित धर्मांतरण और कार्यस्थल उत्पीड़न मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता के ताजा बयान में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक छेड़छाड़ और धार्मिक टिप्पणियों का जिक्र किया गया है। मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
ऑफिस से सोशल मीडिया तक उत्पीड़न.
यह मामला नासिक की एक निजी कंपनी से जुड़ा है, जहां पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे लंबे समय तक मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। आरोपों के अनुसार, ट्रेनिंग के दौरान उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और एक टीम लीडर ने कथित रूप से गलत तरीके से छूने की कोशिश की। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि ऑफिस के माहौल में धर्म के नाम पर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। एक आरोपी पर यह भी आरोप है कि उसने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सही ठहराते हुए विवादित बयान दिए और धार्मिक प्रतीकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
जांच और गिरफ्तारी
पीड़िता के अनुसार, उत्पीड़न केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उसे लगातार परेशान किया गया। ब्लॉक करने के बावजूद उसे स्टॉक करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला मैनेजर भी शामिल है। सभी पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा एक अन्य आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
कंपनी की प्रतिक्रिया
मामले के सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने कहा है कि वह कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ सख्त “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाती है। कंपनी ने कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और जांच के लिए एक निगरानी समिति तथा बाहरी विशेषज्ञों को भी शामिल किया है।