पटना कोर्ट ने फायरिंग मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। वहीं ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज हो गई।
पटना। चर्चित शिक्षक खान सर को फायरिंग मामले में फिलहाल राहत मिल गई है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने पुलिस से केस डायरी भी तलब की है और अगली सुनवाई तक किसी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं करने को कहा है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने दावा किया कि घटना के दौरान चली गोली आत्मरक्षा के उद्देश्य से चलाई गई थी। उनका कहना था कि किसी को डराने या दहशत फैलाने की मंशा नहीं थी। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है वे सीधे तौर पर खान सर पर लागू नहीं होतीं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की है। इसी दिन अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी।
कोर्ट में क्या रही दोनों पक्षों की दलील
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि फायरिंग की घटना में खान सर की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। उनके मुताबिक सुरक्षा गार्ड एक एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए गए थे और संबंधित लोगों से खान सर की सीधी पहचान नहीं थी। वकील ने तर्क दिया कि कोचिंग संस्थान पर भीड़ के हमले की आशंका थी और सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए। वहीं, सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर खान सर के निर्देश पर गोली चलाई थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि घटना का उद्देश्य भय का माहौल बनाना था और मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत नहीं दी जानी चाहिए।
सुरक्षा गार्डों की जमानत पर फैसला सुरक्षित
इसी मामले में गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने पुलिस से घटना से जुड़े सबूत पेश करने को कहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। इनकी जमानत पर फैसला जल्द सुनाया जा सकता है। दोनों गार्डों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज
दूसरी ओर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से राहत नहीं मिली। उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। रौशन आनंद इस मामले में पहले से जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई की मांग को लेकर हाल ही में पटना में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने रौशन आनंद के समर्थन में नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
खान सर पर दर्ज है गंभीर मामला
पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि फायरिंग के दौरान उन्होंने सुरक्षा गार्डों को गोली चलाने के लिए कहा था। हालांकि खान सर और उनका पक्ष लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में खान सर ने दावा किया था कि सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। उनका कहना था कि मौके पर तनावपूर्ण स्थिति थी और पुलिस पहुंचने में समय लगा था। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजर 20 जून की सुनवाई पर है, जहां अदालत खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अगला फैसला करेगी।