राजस्थान के जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग में बच्चे समेत 4 लोगों की मौत हो गई। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। खोह नागोरियान क्षेत्र में संचालित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
आग की चपेट में आए 8 लोग
यह हादसा आयशा नगर तलाई क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित फैक्ट्री में सुबह करीब 11 बजे हुआ। मृतकों में अब्दुल वाहिद, राबिल, बिलाल खान, समीर, आजीम खान उर्फ आविद, अशरफ और नासिर खान शामिल हैं। एक अन्य मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। हादसे के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
दो भाइयों की एक साथ चली गई जान
इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर दो सगे भाइयों की मौत रही। आजीम खान फैक्ट्री में काम करता था। उसका बड़ा भाई बिलाल उससे मिलने और फैक्ट्री देखने पहुंचा था। दोनों वहीं बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दोनों बाहर नहीं निकल सके और गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में दोनों ने दम तोड़ दिया।
अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और निर्माण का काम किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार मकान याकूब नामक व्यक्ति का है, जिसने इसे किराए पर दिया हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी फिरोज और उसका सहयोगी वसीम यहां पटाखों से जुड़ा काम चला रहे थे। अब दोनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शॉर्ट सर्किट या चिंगारी की आशंका
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आएगी। हालांकि शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से आग भड़की हो सकती है। चूंकि परिसर में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
मालिक पर होगी कार्रवाई
जयपुर पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पटाखों का गोदाम संचालित किया जा रहा था और यह रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रहा था। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि लंबे समय से कैसे संचालित हो रही थी और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी या नहीं।