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IRCTC AI System to Stop Ticket Agents

IRCTC में AI की एंट्री: अब टाइपिंग स्पीड से पकड़े जाएंगे दलाल, कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ी

आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग में एआई तकनीक लागू की। अब टाइपिंग स्पीड और लॉगिन पैटर्न से दलालों की पहचान होगी


irctc में ai की एंट्री अब टाइपिंग स्पीड से पकड़े जाएंगे दलाल कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ी

मार्च से आईआरसीटीसी की आधुनिक आरक्षण टिकट बुकिंग प्रणाली में अब एआई तकनीक का उपयोग शुरू हो गया है। अब आरक्षण के समय टाइपिंग की गति से वैध यूजर का पता एआई लगा देगा। अगर कोई शॉर्टकट से टिकट बुक करेगा, तो खाता अपने आप लॉक हो जाएगा।

टाइपिंग स्पीड से होगी असली यात्री की पहचान

ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग के दौरान जल्दबाजी या शॉर्टकट अपनाना अब यात्रियों पर भारी पड़ सकता है। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग सेवा आईआरसीटीसी ने बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नया एआई आधारित सिस्टम लागू किया है।

दलालों पर लगाम लगाने की कोशिश

आईआरसीटीसी के अधिकारियों के अनुसार इस सख्ती का उद्देश्य दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए कन्फर्म टिकट हासिल करने वालों पर रोक लगाना है। आईआरसीटीसी के अधिकारी के अनुसार अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया एआई प्रीडिक्टर सिस्टम लागू किया गया है।

यह तकनीक बुकिंग के दौरान टाइपिंग की गति, लॉगिन पैटर्न और अन्य गतिविधियों का विश्लेषण कर यह पहचान लेती है कि टिकट इंसान बुक कर रहा है या कोई ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर। इस कदम से आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

इनका कहना है...

आईआरसीटीसी ने एआई की तकनीक आम यात्रियों के हित में लागू की है, ताकि असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने में आसानी हो और दलालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, पमरे भोपाल।

संदेही यात्री की इस तरह पहचान करेगा एआई

यदि कोई यात्री एक ही आईडी से आधे घंटे में पांच बार से ज्यादा लॉगिन या लॉगआउट करता है, तो ऐसे अकाउंट को 24 घंटे के लिए एआई अस्थायी रूप से बैन कर देगा। साथ ही सिस्टम आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की लोकेशन का भी मिलान करेगा।यदि यात्री और आईपी एड्रेस दोनों अलग-अलग क्षेत्रों के पाए गए, तो ट्रांजेक्शन बीच में ही रोक दिया जाएगा। रेलवे का एल्गोरिदम टाइपिंग स्पीड भी मापेगा।यदि पांच यात्रियों का विवरण, जैसे नाम, उम्र, जेंडर आदि, 4.2 सेकंड से कम समय में भर दिया जाता है, तो सिस्टम यूजर को रेड फ्लैग कर देगा। इसका मतलब है कि कट-पेस्ट या ऑटोफिल जैसी स्मार्ट ट्रिक्स अपनाने वाले यात्री भी संदेह के दायरे में आ सकते हैं।यदि कोई यात्री देर रात नाम जोड़ता या हटाता है, तो एआई सिस्टम उसे संदिग्ध गतिविधि मान सकता है। ऐसे मामलों में यूजर आईडी को अस्थायी रूप से लॉक किया जा सकता है।