Breaking News
  • देश के 10 राज्यों में इस हफ्ते तेज गर्मी, मौसम विभाग के मुताबिक 24 मई तक सभी राज्यों में हीटवेव का असर
  • काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़, 1KM लंबी लाइन लगी
  • भोपाल में पेट्रोल ₹110.75 प्रति लीटर, इंदौर में ₹110.79 हुआ; 5 दिन में दूसरी बार बढ़ी कीमतें
  • IPL- हैदराबाद प्लेऑफ में पहुंची, चेन्नई को 5 विकेट से हराया
  • पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा: दिल्ली में पेट्रोल 98.64 और डीजल 91.58 रुपए लीटर हुआ

होम > देश

India's Air Defence Upgraded with S-400 Delivery

भारत की हवाई सुरक्षा को मिलेगा नया शसक्त कवच, रूस से आ रही S-400 की चौथी खेप

भारत को रूस से S-400 की चौथी खेप मिलेगी, जो देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगी। इस अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम से दुश्मन के हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट किया जा सकेगा।


भारत की हवाई सुरक्षा को मिलेगा नया शसक्त कवच रूस से आ रही s-400 की चौथी खेप

Russia S-400 Deal |

नई दिल्ली। भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की चौथी खेप अगले महीने आने वाली है। यह डिलीवरी भारत और रूस के बीच 2018 में हुई 5 अरब डॉलर (करीब 40,000 करोड़ रुपये) की डील का हिस्सा है। अब तक तीन यूनिट भारत को मिल चुकी हैं और चौथी यूनिट के आने के बाद यह सुरक्षा कवच और भी मजबूत हो जाएगा। यह भारत की रक्षा रणनीति में एक अहम कदम साबित होने जा रहा है।

S-400 डील इतनी महत्वपूर्ण क्यों है

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए समझौता किया था। इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह एक साथ कई हवाई खतरों जैसे कि फाइटर जेट, ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल को पहचान कर उन्हें नष्ट कर सकता है।

इसकी मारक क्षमता सैकड़ों किलोमीटर तक है, जो भारत के लिए खासतौर पर सीमाओं की सुरक्षा में बेहद जरूरी है। यह तकनीकी रूप से दुनिया का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है।

अब तक कितनी डिलीवरी हो चुकी है?

अब तक भारत को S-400 की तीन यूनिट मिल चुकी हैं, जो पूरी तरह से ऑपरेशनल हैं। चौथी यूनिट अगले महीने भारत पहुंचने की उम्मीद है। इस साल के अंत तक पांचवीं और आखिरी यूनिट भी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, भारत ने 5 और अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने का प्लान भी बना लिया है, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो सकती है।

भारतीय वायुसेना के लिए नया ताकतवर सहारा

S-400 सिस्टम भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा। यह सिस्टम दुश्मन के विमान और मिसाइल को काफी दूरी से ही पहचान सकता है और उन्हें नष्ट कर सकता है। खास बात यह है कि यह एक साथ कई टारगेट्स को ट्रैक कर सकता है और एक साथ कई दुश्मन को निशाना बना सकता है। साथ ही, इससे देश की हवाई सीमाओं पर निगरानी रखना और सुरक्षा करना बहुत आसान हो जाएगा।

'ऑपरेशन सिंदूर' में दिखा S-400 का दम

S-400 का असल टेस्ट 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया, जिसमें इसने अपनी ताकत को साबित किया। इस ऑपरेशन में S-400 ने हवाई खतरों को नष्ट कर सुरक्षा एजेंसियों का भरोसा और बढ़ाया। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए भारत अब इस सिस्टम की संख्या और बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

अमेरिका की चेतावनी और भारत का दृढ़ रुख

जब भारत ने रूस से S-400 की डील की थी, तब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी। बावजूद इसके, भारत ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और इस समझौते को जारी रखा। अब माना जा रहा है कि अगले ऑर्डर के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय समस्या नहीं आएगी क्योंकि यह पुराना समझौता है।

भारत की वायु सुरक्षा में ऐतिहासिक कदम

चौथी खेप के आने के बाद भारत का हवाई सुरक्षा घेरा और भी मजबूत होगा। S-400 जैसे अत्याधुनिक सिस्टम की तैनाती से न केवल आज की सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि भविष्य के खतरों से भी निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी। यह डिलीवरी भारत की रक्षा तैयारियों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

Related to this topic: