रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप की टिप्पणी के बाद भारत का जवाब। सरकार ने कहा—सस्ता तेल जहां मिलेगा वहीं से खरीदेंगे, देश की ऊर्जा सप्लाई फिलहाल सुरक्षित।
अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की बात कही थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को साफ कहा है कि भारत को जहां से भी सस्ता तेल मिलेगा, वहीं से खरीदेगा। सरकार ने यह भी कहा कि रुकावटों के बावजूद भारत की एनर्जी सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है।
सस्ता तेल जहां मिलेगा, वहीं से खरीदारी
भारत सरकार ने शनिवार को प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के जरिए कहा कि होर्मुज रूट पर तनाव बढ़ने के बाद भी भारत की एनर्जी सप्लाई सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है। भारत ने अपने कच्चे तेल के सोर्स को 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक कर दिया है, जिससे कई दूसरे सप्लाई रूट पक्के हो गए हैं। देश के हित में भारत उन जगहों से तेल खरीदता है, जहां सबसे अच्छे और सस्ते रेट मिलते हैं।
भारत ने शनिवार को यह भी पुष्टि की कि अमेरिका से मिली टेम्पररी छूट के बाद वह रूस से तेल इंपोर्ट करना जारी रखेगा। यह छूट मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से दी गई थी। केंद्र ने कहा है कि नई दिल्ली को ऐसी खरीदारी के लिए किसी भी देश से परमिशन की जरूरत नहीं है।
भारत के पास बचा है 250 मिलियन बैरल कच्चा तेल
केंद्र के अनुसार भारत के पास रिजर्व और सप्लाई चेन में 250 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद हैं। यह सात या आठ हफ्ते की खपत के बराबर बफर देता है। भारत की कुल रिफाइनिंग कैपेसिटी 258 मिलियन मीट्रिक टन सालाना है, जो मौजूदा घरेलू डिमांड से ज्यादा है।ईरान के खिलाफ यूएस-इजरायल की मिलिट्री कार्रवाई और खाड़ी में तेहरान के जवाबी हमलों ने दुनिया भर में एनर्जी फ्लो और शिपिंग रूट में रुकावट डाली है, जिससे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।