विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया और द्विपक्षीय समझौते के तहत वापस भेजेगा। सत्यापन के हजारों मामले अभी लंबित हैं।
नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को कानून और द्विपक्षीय समझौतों के तहत वापस भेजा जाएगा। मंत्रालय ने यह भी बताया कि नागरिकता सत्यापन के हजारों मामले अभी बांग्लादेश की ओर लंबित हैं, जिसकी वजह से प्रक्रिया धीमी चल रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत लगातार बांग्लादेश से सहयोग की अपेक्षा कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2860 से अधिक मामलों में सत्यापन लंबित है और इनमें से कई फाइलें पांच साल से ज्यादा समय से अटकी हुई हैं।
भारत का पूरा प्लान क्या है
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की नीति स्पष्ट है कि देश में अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया और दोनों देशों के बीच बनी व्यवस्थाओं का पालन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अगर बांग्लादेश नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया तेज करता है, तो अवैध प्रवासियों की वापसी अधिक सुचारू और प्रभावी तरीके से हो सकेगी। यह मुद्दा लंबे समय से भारत-बांग्लादेश संबंधों में संवेदनशील विषय बना हुआ है।
बांग्लादेश से क्या चाहता है
भारत चाहता है कि ढाका सरकार लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करे ताकि जिन लोगों की नागरिकता बांग्लादेशी साबित होती है, उन्हें वापस भेजा जा सके। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि कई मामलों में पर्याप्त दस्तावेज होने के बावजूद सत्यापन प्रक्रिया काफी धीमी है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस विषय पर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत जारी है और कूटनीतिक स्तर पर संपर्क बनाए रखा गया है।
बंगाल चुनाव के बाद बढ़ी चर्चा
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। चुनाव के बाद बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार खलीलुर रहमान के बयान पर भी भारत ने प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाल के दिनों में बांग्लादेश की ओर से कई टिप्पणियां सामने आई हैं और इन्हें अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी के मुद्दे के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
तीस्ता समझौते पर बांग्लादेश का बयान
बंगाल चुनाव नतीजों के बाद खलीलुर रहमान ने तीस्ता जल बंटवारा समझौते पर जल्द चर्चा की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि तीस्ता का मुद्दा उस क्षेत्र के लोगों के लिए “जीवन और मृत्यु” का सवाल है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारा लंबे समय से एक अहम कूटनीतिक मुद्दा बना हुआ है।
अवैध बांग्लादेशियों पर ढाका का रुख
बांग्लादेश की आधिकारिक नीति यह है कि वह केवल उन्हीं लोगों को स्वीकार करेगा जिनकी बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि हो चुकी हो। साथ ही वापसी की प्रक्रिया उचित कानूनी और कूटनीतिक माध्यमों से पूरी की जाए। भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवास, सीमा सुरक्षा और जल बंटवारे जैसे कई मुद्दों पर बातचीत जारी है। आने वाले समय में इन विषयों पर दोनों देशों के रिश्तों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।