NFHS-6 रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्वास्थ्य बीमा कवरेज 41% से बढ़कर 60.2% हो गया है। जानिए कैसे सरकारी योजनाओं और जागरूकता ने लोगों को आर्थिक सुरक्षा दी है।
भारत में स्वास्थ्य बीमा को लेकर एक बड़ी और राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 (NFHS-6) के मुताबिक देश में स्वास्थ्य बीमा या स्वास्थ्य वित्तीय योजनाओं से जुड़ी कवरेज 60.2 प्रतिशत परिवारों तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा NFHS-5 के 41 प्रतिशत से काफी अधिक है, यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है जब इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है और मध्यम वर्ग से लेकर ग्रामीण परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा एक बड़ी जरूरत बन चुकी है।
41% से 60% तक पहुंची कवरेज, क्या बदला?
NFHS-6 के आंकड़ों के अनुसार देश में अब अधिक परिवारों के पास कम से कम एक सदस्य का स्वास्थ्य बीमा कवरेज मौजूद है। यह लगभग 20 प्रतिशत की बड़ी छलांग मानी जा रही है। दरअसल, यह बदलाव सिर्फ बीमा कंपनियों की वजह से नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं और जागरूकता अभियान का भी बड़ा योगदान है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने गरीब और कमजोर वर्ग तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अब समझिए, इसका सीधा असर यह हुआ है कि लोग मेडिकल इमरजेंसी में आर्थिक रूप से पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक राहत भी
विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थ इंश्योरेंस अब केवल इलाज का साधन नहीं रहा, बल्कि यह परिवार की वित्तीय योजना का अहम हिस्सा बन चुका है कई परिवारों के लिए एक भी बड़ा अस्पताल खर्च उनकी सालों की बचत को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में बीमा कवरेज उन्हें कर्ज और आर्थिक संकट से बचाने में मदद करता है। हालांकि, यही सवाल अब उठ रहा है कि क्या सिर्फ बीमा होना पर्याप्त है या इसकी गुणवत्ता भी उतनी ही जरूरी है।
बढ़ती कवरेज के पीछे क्या हैं कारण?
NFHS-6 रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं।
- पहला, सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तार।
- दूसरा, कोविड-19 महामारी के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बढ़ी जागरूकता।
- तीसरा, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बीमा योजनाओं की पहुंच बढ़ना।
फिलहाल, यह बदलाव भारत के स्वास्थ्य ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
लेकिन क्या सभी सुरक्षित हैं?
अब समझिए असली चुनौती। सिर्फ बीमा कवरेज बढ़ने से यह जरूरी नहीं हो जाता कि हर परिवार पूरी तरह सुरक्षित है,बीमा की शर्तें, कवरेज लिमिट, अस्पताल नेटवर्क और क्लेम प्रक्रिया जैसे कई पहलू अभी भी लोगों के लिए जटिल बने हुए हैं। कई बार लोग बीमा होने के बावजूद पूरा लाभ नहीं ले पाते। NFHS-6 यह संकेत देता है कि भारत स्वास्थ्य बीमा के मामले में मजबूत दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगर बीमा, अस्पताल सुविधा और क्लेम सिस्टम एक साथ मजबूत होते हैं, तो यह भारत को यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन की ओर ले जा सकता है।