केरल में पूर्व CM पी विजयन के घर रेड डालने पहुंची ED टीम पर समर्थकों ने हमला कर दिया। पत्थरबाजी में गाड़ी का शीशा टूटा। मामला उनकी बेटी की IT कंपनी और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है।
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार को उस वक्त तनाव बढ़ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन के घर छापेमारी करने पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला कर दिया। ED की 12 सदस्यीय टीम जैसे ही बेकरी जंक्शन स्थित आवास पर पहुंची, वहां मौजूद समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया।
हालात इतने बिगड़ गए कि ED अधिकारियों की गाड़ी पर पत्थर और डंडों से हमला किया गया। हमले में वाहन का पिछला शीशा टूट गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह टीम को भीड़ से बाहर निकाला। यह कार्रवाई विजयन की बेटी टी. वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।
आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 2018-19 के दौरान CMRL ने टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह रकम बिना किसी वास्तविक आईटी या सॉफ्टवेयर सेवा के दी गई। यानी भुगतान को फर्जी खर्च के तौर पर दिखाया गया। इसी आधार पर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, विजयन परिवार की ओर से पहले भी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जाता रहा है। लेकिन अब ED की ताजा कार्रवाई के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
हाईकोर्ट के फैसले के अगले दिन हुई कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम का समय भी काफी अहम माना जा रहा है। मंगलवार को ही केरल हाईकोर्ट ने CMRL की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें ED जांच रद्द करने की मांग की गई थी। यही सवाल अब उठ रहा है कि कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि ED की टीम ने विजयन के घर के अलावा कुछ अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। फिलहाल इस मामले की जांच सिर्फ ED ही नहीं, बल्कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।

ED टीम पर हमला क्यों बना बड़ा मुद्दा?
किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम पर हमला होना अपने आप में गंभीर मामला माना जाता है। घटना की तस्वीरों में साफ दिखाई दिया कि समर्थकों ने ED अधिकारियों की कार को चारों तरफ से घेर लिया था। पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। हालांकि अभी तक इस मामले में कितने लोगों की पहचान हुई है या कोई गिरफ्तारी हुई है, इस पर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

केरल की राजनीति में यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार का नाम जुड़ा हुआ है। विपक्ष पहले से इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में ED की जांच, कोर्ट की सुनवाई और राजनीतिक बयानबाजी इस पूरे विवाद को और गरमा सकती है।