दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे का आंखों देखा हाल बताया। मलबे में 20-30 लोगों के दबे होने की आशंका है।
नई दिल्ली। दिल्ली में बारिश के बीच रविवार को सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन में शिव मंदिर के नजदीक हुई। इमारत के गिरते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। वहीं, बिल्डिंग गिरते ही चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ ही पलों में लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे।
हादसे के बाद पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की है। अब तक चार लोगों को मलबे से रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मलबे में कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इमारत अचानक ढह गई। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही चारों तरफ धूल फैल गई। घटना इतनी अचानक हुई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। और आसपास मौजूद लोग वहां से भागने लगे। एक चश्मदीद ने आशंका जताई है कि मलबे में 20 से 30 लोग दबे हो सकते हैं। हालांकि यह संख्या अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की बात कही है।
मलबे के नीचे से आ रहे फोन
घटनास्थल पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं। उनके अनुसार अभी भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। स्थानीय लोग भी राहत और बचाव टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। बचावकर्मी लगातार मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
इमारत में चल रहा था पीजी
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित है। इलाके में बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहते हैं। हादसे वाली इमारत में भी संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। एक चश्मदीद ने हादसे का शिकार हुई इमारत का नाम hostel Daze बताया है। उसके अनुसार, यहां लड़कों के लिए पीजी चलाया जा रहा था। चश्मदीद ने यह भी बताया कि होस्टल डेज के ठीक बगल की एक अन्य इमारत भी ढह गई। हादसे के वक्त कमरों में मौजूद छात्रों के मलबे में फंसने की बात कही जा रही है। हालांकि कितने छात्र अंदर मौजूद थे और कितने मलबे में दबे हैं. इसकी सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
दोपहर 1:33 बजे मिली सूचना, 12 दमकल गाड़ियां पहुंचीं
फायर डिपार्टमेंट को हादसे की सूचना दोपहर 1:33 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल की 12 गाड़ियाँ घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस, एमसीडी और अन्य राहत-बचाव टीमें भी मलबा हटाने के काम में जुट गईं। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि मलबे के अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए। चश्मदीदों के मुताबिक, कुछ छात्रों को गंभीर चोटें भी आई हैं और बचावकर्मी उन्हें बाहर निकालने में जुटे हुए हैं।
इमारत के मालिक का नाम आया सामने
सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में ढही इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल बताया गया है। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।
एनएसयूआई के छात्रों को लेकर जताई चिंता
सत्य निकेतन हादसे पर एनएसयूआई ने भी चिंता जताई है। संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास हुई घटना में डीयू छात्रों के फंसे होने की जानकारी सामने आ रही है। एनएसयूआई ने प्रशासन से राहत और बचाव अभियान तेज करने की मांग की है। संगठन ने हादसे की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई है। हालांकि मलबे में फंसे होने की यह जानकारी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फिलहाल सत्य निकेतन में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक चार लोगों को बाहर निकाले जाने की जानकारी है, जबकि मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। जेसीबी और अन्य मानवीय सहायता से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।