मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। बचाव कार्य जारी।
मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हादसा, बेसमेंट में फंसे लोगों का रेस्क्यू
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए। हादसा लेमन ग्रीन नाम के रेस्टोरेंट में हुआ, जो पांच मंजिला इमारत में संचालित हो रहा था। आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अंदर फंस गए।दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बेसमेंट में फंसे लोगों को निकाला गया

आग लगने के दौरान कई लोग रेस्टोरेंट के बेसमेंट में फंस गए थे। रेस्क्यू टीम ने तीन लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक घायलों का इलाज जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग किस तरह फैली और सुरक्षा मानकों में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार आग पहले ग्राउंड फ्लोर पर दिखाई दी थी। बाद में जब कांच तोड़ा गया तो पता चला कि बेसमेंट भी आग की चपेट में आ चुका है। धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
पुलिस और प्रशासन मौके पर
हादसे के बाद पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।दिल्ली में हाल के बड़े अग्निकांड
दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बड़े अग्निकांड सामने आए हैं—
- मई 2024: विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बॉर्न हॉस्पिटल में आग लगने से 7 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी।
- फरवरी 2024: अलीपुर की एक पेंट फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी आग में 11 लोगों की जान गई थी।
- मई 2022: पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इलाके की चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई थी।
मालवीय नगर की इस ताजा घटना ने एक बार फिर राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।