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Government Tightens Syrup Sale Rules

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप: MP में 26 बच्चों की मौत के बाद बड़ा फैसला, केंद्र सरकार ने बदले नियम

केंद्र सरकार ने कफ सिरप की बिक्री के नियम सख्त कर दिए हैं। अब कई सिरप दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही मिलेंगी। MP में 26 बच्चों की मौत के बाद लिया गया बड़ा फैसला।


अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप mp में 26 बच्चों की मौत के बाद बड़ा फैसला केंद्र सरकार ने बदले नियम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दवा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए कफ सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाओं की बिक्री के नियम सख्त कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब कई सिरप दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदी जा सकेंगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

क्या बदला है नए नियम में?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-K (Schedule K) में संशोधन किया है। यह वह सूची थी, जिसमें शामिल कुछ दवाओं को विशेष परिस्थितियों में नियामकीय छूट प्राप्त थी। नए संशोधन के तहत सिरप आधारित दवाओं को इस छूट वाली सूची से हटा दिया गया है, जिससे इनके निर्माण, वितरण और बिक्री पर अधिक सख्त निगरानी लागू होगी।

अब डॉक्टर की पर्ची होगी जरूरी

नियमों में बदलाव के बाद सिरप दवाओं की बिक्री के लिए मेडिकल स्टोर्स और विक्रेताओं को निर्धारित लाइसेंसिंग एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा। कई मामलों में डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता भी अनिवार्य हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

MP में 26 बच्चों की मौत के बाद बढ़ी चिंता

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अक्टूबर 2025 में मध्य प्रदेश में कथित दूषित कफ सिरप के सेवन से 26 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना ने दवा सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद केंद्र और राज्य स्तर पर दवा निर्माण इकाइयों की निगरानी बढ़ाई गई थी।

पहले भी सख्त किए जा चुके हैं नियम

भारत में बनी कुछ कफ सिरप दवाओं को लेकर 2022-23 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवाद सामने आए थे। अफ्रीका और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत के मामलों के बाद भारतीय दवाओं की गुणवत्ता पर वैश्विक निगरानी बढ़ी थी।

इसके बाद केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:

2023-24 के प्रमुख फैसले

  • कफ सिरप के निर्यात से पहले अनिवार्य गुणवत्ता परीक्षण
  • दवा निर्माण इकाइयों के लिए संशोधित GMP मानक लागू
  • नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई
  • राज्यों और केंद्र के संयुक्त निरीक्षण अभियान तेज
  • संदिग्ध दवा निर्माण इकाइयों के लाइसेंस निलंबित

आम लोगों से मांगे गए थे सुझाव

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस बदलाव से पहले 29 दिसंबर 2025 को मसौदा अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद आम नागरिकों, दवा उद्योग और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गई थीं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधन से पहले ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से परामर्श लिया गया था। 

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