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Cornell AI System: Control PC via Smartwatch

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का नया AI सिस्टम: अब बिना माउस और कीबोर्ड के चलेगा कंप्यूटर

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने AI आधारित नया सिस्टम बनाया है, जिससे स्मार्टवॉच से बिना माउस-कीबोर्ड के कंप्यूटर कंट्रोल किया जा सकता है। यह तकनीक हाथ की गतिविधियों को ट्रैक करती है।


कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का नया ai सिस्टम अब बिना माउस और कीबोर्ड के चलेगा कंप्यूटर

क्या आपने कभी सोचा है कि बिना माउस या कीबोर्ड के आप कंप्यूटर चला पाएंगे? जी हां, ऐसा हो सकता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड सोनार का इस्तेमाल करके आम स्मार्टवॉच को हैंड-ट्रैकिंग डिवाइस में बदल दिया है। वॉचहैंड टेक्नोलॉजी के जरिए स्मार्टवॉच इंसान की कलाई और उंगलियों की हरकतों को रियल टाइम में ट्रैक करके हाथ को एक इनपुट डिवाइस में बदल देगी, जिसके जरिए कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा सकेगा।

दरअसल, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए शोधकर्ताओं का उद्देश्य इंसान के हाथ को ही एक ऐसा इनपुट डिवाइस या माध्यम बनाना है, जिससे कंप्यूटर और अन्य डिजिटल मशीनों को बिना किसी कीबोर्ड, माउस और टचस्क्रीन के चलाया जा सके। खास बात यह है कि इसके लिए स्मार्टवॉच में कोई हार्डवेयर लगाने की जरूरत नहीं होगी। आमतौर पर स्मार्टवॉच में पहले से लगे स्पीकर और माइक्रोफोन का इस्तेमाल होता है। इनके जरिए ही इस टेक्नोलॉजी की मदद से उंगलियों और कलाई की हरकतों को रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकता है। कैमरे या बड़े बाहरी सेंसर पर निर्भर होने वाले मौजूदा वियरेबल हैंड-ट्रैकिंग सिस्टम से अलग, वॉचहैंड को किसी अतिरिक्त हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती। इस कारण यह रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए ज्यादा प्रैक्टिकल हो जाता है। इसे लाखों मौजूदा डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

हाथ बन जाएगा इनपुट डिवाइस

कॉर्नेल में डॉक्टोरल स्टूडेंट और इस स्टडी के सह-मुख्य लेखक ची-जंग ली का कहना है कि भविष्य में इस तरह की हैंड-ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी से इंसान सिर्फ अपनी स्मार्टवॉच से ही अपनी टाइपिंग को ट्रैक कर पाएंगे। हमारे हाथ कंप्यूटर के साथ एक इनपुट डिवाइस के तौर पर काम कर सकते हैं।

40 लोगों पर किया गया टेस्ट

इस सिस्टम को चार अलग-अलग स्टडी में 40 लोगों पर टेस्ट किया गया। इसमें लगभग 36 घंटे का जेस्चर डेटा इकट्ठा किया गया। इसका मूल्यांकन कई स्मार्टवॉच मॉडल, हाथ की अलग-अलग पोजिशन और शोर वाले माहौल में भी किया गया। परिणाम बेहतर आए हैं।

उंगलियों की हरकतें होंगी ट्रैक

नतीजों से पता चला कि वॉचहैंड अलग-अलग स्थितियों में उंगलियों की हरकतों और कलाई के घुमाव को बहुत सही तरीके से ट्रैक कर सकता है।

 

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