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Asansol Temple Reopens After BJP Win

BJP की जीत के बाद आसनसोल में खुला सालों से बंद मंदिर, आखिर ताला लगने की क्या थी वजह?

बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने जीत के बाद आसनसोल में सालों से बंद मंदिर खुलवाया। जानिए क्यों लगा था ताला और क्या बदला अब।


bjp  की जीत के बाद आसनसोल में खुला सालों से बंद मंदिर आखिर ताला लगने की क्या थी वजह

West Bengal News |

आसनसोल। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद आसनसोल से एक अहम खबर सामने आई है। भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव जीतते ही उस मंदिर को खुलवा दिया। यह मंदिर वर्षों से आम लोगों के लिए बंद था। यह मंदिर साल में सिर्फ एक-दो दिन ही खुलता था। वह भी भारी सुरक्षा के बीच।

दरअसल, 4 मई को चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद मुखर्जी ने अपना वादा निभाया। मंदिर की साफ-सफाई करवाई गई और फिर इसे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर खुलते ही बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे और इलाके में उत्साह का माहौल बन गया।

क्यों बंद पड़ा था मंदिर?

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी। दो समुदायों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मंदिर को नियमित रूप से बंद रखने का फैसला किया था। केवल विशेष अवसरों पर ही इसे सीमित समय के लिए खोला जाता था। उस दौरान भी भारी सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ती थी।

चुनाव में बना बड़ा मुद्दा

आसनसोल उत्तर सीट से चुनाव लड़ते समय कृष्णेंदु मुखर्जी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जनता से वादा किया था कि जीतने के बाद मंदिर को सालभर के लिए खोल दिया जाएगा। यह मुद्दा सीधे लोगों की आस्था से जुड़ा था, जिसका असर मतदान में भी देखने को मिला।

जीत के बाद तुरंत एक्शन

चुनाव परिणाम आने के बाद विधायक सीधे मंदिर पहुंचे। वहां सफाई अभियान चलाया गया और फिर मंदिर के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के साथ इस मौके को खास तरीके से मनाया गया।

लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

मंदिर खुलने के बाद अब स्थानीय लोगों को नियमित रूप से दर्शन का अवसर मिलेगा। धार्मिक गतिविधियां फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना एक अहम चुनौती बना रहेगा, ताकि इलाके में शांति और संतुलन कायम रहे।

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