भारी बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। अमरनाथ यात्रा रोकी गई, दिल्ली में भीषण जलभराव। मौसम विभाग ने कई राज्यों में चेतावनी जारी की है।
मानसून ने शनिवार को देश के कई हिस्सों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जम्मू-कश्मीर में बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। वहीं दिल्ली-NCR में शुक्रवार की तेज बारिश के बाद कई सड़कें पानी में डूब गईं और घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा।उधर बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कहीं नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं तो कहीं बाढ़ का पानी घरों और सड़कों में घुस गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अमरनाथ यात्रा का जम्मू में रोका नया जत्था
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के चलते शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई। भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को कश्मीर के लिए रवाना नहीं किया गया है।मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक जम्मू क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।अब तक 4.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अमरनाथ गुफा के दर्शन कर चुके हैं। शनिवार सुबह बारिश के बावजूद हाईवे पर यातायात सामान्य बताया गया।
दिल्ली में बारिश ने बढ़ाई परेशानी, सड़कें बनीं तालाब
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की तेज बारिश ने ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ दी। दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी भर गया। कई जगह वाहन बीच सड़क पर फंस गए और लंबा जाम लग गया।बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।अगस्त के पहले सप्ताह में दिल्ली में अब तक 127 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह 2011 के बाद अगस्त के शुरुआती सप्ताह में सबसे ज्यादा बारिश बताई जा रही है।
बिहार में नदियां उफान पर
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिख रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर है और कई गांवों में तीन फीट तक पानी भर गया है।पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी का पानी करीब 300 घरों में घुस गया है। हालात को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।बिहार में शनिवार को 19 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने कई जगह आकाशीय बिजली गिरने और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी चेतावनी दी है।
यूपी में 25 दिन की बारिश से बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश में करीब 25 दिनों से जारी बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाट पानी में डूब गए हैं। 84 घाटों का संपर्क टूट गया है, जबकि 50 से 60 छोटे मंदिरों में भी पानी पहुंच गया है।फर्रुखाबाद में गंगा के किनारे कटान तेज होने से पिछले दो दिनों में आठ घर नदी में समा चुके हैं। 10 से ज्यादा गांव पानी से घिर गए हैं। बलिया में भी सरयू नदी के कटान से 27 घर नदी में समा चुके हैं।वहीं आगरा में सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
हिमाचल में 162 सड़कें बंद, पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का खतरा
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। राज्य में चंडीगढ़-मनाली और मंडी-पठानकोट हाईवे समेत 162 सड़कें बंद हो गई हैं। लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर, जबकि 11 अगस्त को चंबा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट है।
उत्तराखंड में भी सतर्क रहने की अपील
उत्तराखंड के चार जिलों में शनिवार को भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।चारधाम और गंगोत्री क्षेत्र में कांवड़ यात्रियों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है। पिथौरागढ़ के धारचूला में काली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में पन्ना, सतना और रीवा में शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत 52 जिलों में भी बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।राजस्थान के 30 जिलों में शनिवार को बारिश का यलो अलर्ट है। सीकर और झुंझुनूं में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि भरतपुर में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
झारखंड में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के 13 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की आशंका है।मौसम विभाग के मुताबिक, हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिन कई राज्यों पर भारी
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ का खतरा है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है।फिलहाल प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।