पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को सुवेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री बनाया गया। जानिए क्रिकेट से राजनीति तक उनके सफर की पूरी कहानी।
क्रिकेट मैदान पर अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले अशोक डिंडा अब राजनीति में नई जिम्मेदारी निभाते नजर आएंगे। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज को पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री बनाया गया है। सोमवार को हुए कैबिनेट विस्तार में डिंडा ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 35 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम पर पूरे राज्य की नजरें टिकी थीं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस चेहरे की हुई, वह थे पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा।
क्रिकेट के बाद राजनीति में भी लगातार दूसरी जीत
अशोक डिंडा ने भाजपा के टिकट पर मोयना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह है कि यह लगातार दूसरी बार है जब उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की है। 2021 में पहली बार विधायक बनने वाले डिंडा को तब क्रिकेट से राजनीति में आए नए चेहरे के तौर पर देखा गया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने इलाके में अपनी सक्रिय मौजूदगी बनाए रखी, जिसका फायदा उन्हें चुनाव में मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डिंडा सिर्फ चुनाव के समय के पहले भी क्षेत्रीय कार्यक्रमों और जनसंपर्क में भी लगातार दिखाई देते रहे। यही वजह रही कि उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत होती गई।
टीम इंडिया से लेकर आईपीएल तक छोड़ी छाप
अशोक डिंडा का नाम भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में गिना जाता है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लंबा और प्रभावशाली करियर बनाया। दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 मुकाबले खेले। वनडे में उनके नाम 12 विकेट जबकि टी20 इंटरनेशनल में 17 विकेट दर्ज हैं।
IPL में कई बड़ी टीमों का हिस्सा रहे
आईपीएल में भी डिंडा की अलग पहचान रही। उन्होंने 78 मुकाबलों में 69 विकेट हासिल किए। इस दौरान वह कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली कैपिटल्स, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी टीमों के लिए खेले। क्रिकेट प्रेमियों को आज भी उनका लंबा घरेलू करियर और बंगाल के लिए किया गया योगदान याद है। रणजी क्रिकेट में वह कई वर्षों तक टीम की गेंदबाजी की सबसे मजबूत कड़ी रहे।
भाजपा में शामिल होने के पांच साल बाद मंत्री पद
फरवरी 2021 में भाजपा का दामन थामने वाले अशोक डिंडा ने राजनीति में तेजी से अपनी जगह बनाई। विधायक बनने के बाद अब मंत्री पद तक पहुंचना उनके राजनीतिक करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खेल जगत से आने वाले लोकप्रिय चेहरों को जनता आसानी से पहचानती है, लेकिन मंत्री पद तक पहुंचने के लिए संगठन और क्षेत्र दोनों में लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। डिंडा का सफर इसी बात का उदाहरण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्रिकेट की पिच पर सफल रहे अशोक डिंडा प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कितना असर छोड़ पाते हैं।