भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 700 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
भारत ने एक बार फिर अपनी सामरिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल ने तय सभी तकनीकी मानकों को पूरा किया। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता और स्ट्रैटेजिक तैयारी को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है।
मिसाइल की सटीकता और ऑपरेशनल क्षमता को इस टेस्ट के जरिए फिर साबित किया गया। अग्नि-1 भारतीय सेना की उन मिसाइलों में शामिल है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तेज और प्रभावी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।
चांदीपुर टेस्ट रेंज से हुआ सफल लॉन्च
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 22 मई 2026 को ओडिशा के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज चांदीपुर से अग्नि-1 का परीक्षण किया गया। यह पूरा ऑपरेशन स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में हुआ। लॉन्च के दौरान सभी प्रक्रियाएं तय मानकों के मुताबिक पूरी की गईं और किसी तरह की तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आई। परीक्षण के बाद अधिकारियों ने मिसाइल की विश्वसनीयता और सटीक वार क्षमता की पुष्टि की।
700 किलोमीटर तक कर सकती है हमला
अग्नि-1 एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। जिसकी मारक क्षमता करीब 700 किलोमीटर तक बताई जाती है। करीब 12 टन वजनी यह मिसाइल 1000 किलोग्राम तक का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। जमीन से जमीन पर हमला करने वाली यह मिसाइल सॉलिड प्रॉपेलेंट तकनीक पर आधारित है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह मिसाइल भारत की सामरिक सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाती है।
DRDO ने विकसित की थी मिसाइल
अग्नि-1 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO की कई प्रयोगशालाओं ने मिलकर विकसित किया था। उन्नत सिस्टम प्रयोगशाला, रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला और रिसर्च सेंटर इमरात ने इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं हैदराबाद की भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने इसे अंतिम रूप दिया। इस मिसाइल को पहली बार साल 2004 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था।
अग्नि श्रृंखला भारत की सामरिक ताकत की रीढ़
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अग्नि-1 से लेकर अग्नि-4 तक की मिसाइलें पहले से भारतीय सेना में तैनात हैं। इन मिसाइलों की मारक क्षमता 700 किलोमीटर से लेकर करीब 3500 किलोमीटर तक है। यही वजह है कि अग्नि श्रृंखला को भारत की स्ट्रैटेजिक डिटरेंस क्षमता का मजबूत आधार माना जाता है। हाल के वर्षों में भारत ने मिसाइल तकनीक, एयर डिफेंस और स्वदेशी रक्षा सिस्टम पर तेजी से काम किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर उसकी सैन्य स्थिति और मजबूत हुई है।