सुकेश चंद्रशेखर और जैकलीन फर्नांडिस मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। अब 16 जुलाई को अगली सुनवाई होगी और मामला ट्रायल में जाएगा।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 215 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस केस में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस, महाठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल समेत कुल 17 आरोपी शामिल हैं। आरोप तय होने के बाद अब मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
कोर्ट में आरोप स्वीकार करने से इनकार
सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने अदालत में लगाए गए आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि अब इस हाई-प्रोफाइल केस में विधिवत ट्रायल आगे बढ़ेगा। मनी लॉन्ड्रिंग मामले के साथ-साथ मकोका केस में भी 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। मकोका मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित की गई है।
जेल से चल रहा था पूरा नेटवर्क
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल के भीतर रहते हुए भी एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था। वह तकनीकी साधनों के जरिए अपनी पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करता था और करोड़ों की ठगी को अंजाम देता था। अदालत ने यह भी कहा कि जेल में मिलने वाली सुविधाओं का दुरुपयोग कर वह लगातार अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
215 करोड़ की ठगी और फर्जी पहचान का खेल
जांच के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को कभी विधि सचिव और कभी गृह सचिव बताकर शिकायतकर्ता अदिति सिंह से करीब 215 करोड़ रुपये की ठगी की। वह जेल से ही हवाला नेटवर्क, एंट्री ऑपरेटरों और अन्य माध्यमों से पैसे का लेनदेन करता था। इसी दौरान कई लोगों की भूमिका भी सामने आई है जो मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करते थे।
जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों की भूमिका पर नजर
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी अहम टिप्पणियां की हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने की प्रक्रिया में कई लोगों की सक्रिय भूमिका रही। बी मोहनराज, दीपक रमनानी और पिंकी ईरानी जैसे नाम भी इस मामले में सामने आए हैं।
अब ट्रायल चरण में पहुंचेगा मामला
अदालत के आदेश के बाद यह मामला अब ट्रायल के चरण में प्रवेश कर गया है। सभी आरोपियों पर लगे आरोपों की विस्तृत सुनवाई होगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।