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पीएम मोदी की बायोप‍िक का जानें रिव्यु

पीएम मोदी की बायोप‍िक का जानें रिव्यु
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नई दिल्ली। देश में वैसे तो पिछले काफी समय से बायोपिक का चलन चला आ रहा है। खिलाड़ियों से लेकर युद्ध के शहीदों तक अलग-अलग हस्तियों पर बॉलीवुड ने कई बायोपिक बनाई हैं लेकिन इस हफ्ते ऐसा बायोपिक सामने है जो राजनीति के मैदान का सबसे बड़ा खिलाड़ी है प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में एक बार फिर ऐत‍िहास‍िक जीत दर्ज की है। हर तरह मोदी-मोदी की गूंज है, इस बीच स‍िनेमा के पर्दे पर भी पीएम मोदी की बायोप‍िक र‍िलीज हो गई। फिल्म को डायरेक्टर ओमंग कुमार ने बनाया है. ये फिल्म एक ऐसी शख्स‍ियत पर बनी है ज‍िससे हम बीते कई सालों से देख रहे हैं। ज‍िसका नाम है मोदी. इसल‍िए फिल्म में देखने को कुछ नया नहीं है, हां वो सब है जो हम जानते हैं।

हम आपको बता दें कि इस फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी बायोपिक है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र की। इस फिल्म की कहानी में मोदी के बचपन से लेकर 2014 में उनके प्रधानमत्री बनने तक का सफर है। जिसमे दिखाया गया है की बचपन में मोदी चाय बेचते थे। तिरंगे और आर्मी को जहां देखते वहीं सल्यूट करते थे। बड़े हुए तो घर संसार त्याग कर सन्यासी बन गए और पहाड़ों के बीच धार्मिक गुरु ने उन्हें कहा कि उन्हें देश और लोगों कि सेवा करनी चाहिए और वापस आकर उन्होने संघ का प्रचार शुरू किया और धीरे धीरे प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय किया।

अगर हम फिल्म देखते हुए यह भूल जाएं कि यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म है जिन्हें आप नहीं जानते। न ही आप उनके जीवन की कोई मीमांसा कर सकते हैं, फिल्म को अगर सिर्फ फिल्म के नजरिए से देखा जाए तो निश्चित ही फिल्म आप को बांधे रखती है। फिल्म का कुछ हिस्सा डॉक्यूमेंट्री की तरह जरूर हो जाता है मगर फिर भी छोटे से बच्चे की यात्रा में आप सहभागी बन जाते हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट पर और काम किया जाता तो इसका स्तर कुछ अलग ही होता।

अभिनय की बात करें तो विवेक ओबेरॉय मोदी की नकल ना करते हुए भी मोदी लगने में सफल हुए हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के किरदार में मोहन जोशी ने भी अच्छा परफॉर्मेंस दिया है। जरीना वहाब और राजेंद्र गुप्ता जैसे वरिष्ठ कलाकार स्क्रीन की शोभा को दोगुना कर देते हैं। तकनीकी रूप से फिल्म की सिनेमैटोग्राफी कमाल की है। एडिटिंग पर थोड़ा और काम किया जाता तो बेहतर होता। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर उम्दा है जिसके कारण फिल्म आप को बांधे रखती है। कुल मिलाकर अगर आप पीएम मोदी की जिंदगी और जीवन में आए उतार-चढ़ाव के बारे में जानना चाहते हैं तो यह फिल्म आप देखने जा सकते हैं।

Updated : 24 May 2019 12:30 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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