Top
Home > मनोरंजन > अब तीन स्टेट में हुई टैक्स फ्री दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक

अब तीन स्टेट में हुई टैक्स फ्री दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक'

अब तीन स्टेट में हुई टैक्स फ्री दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक
X

नई दिल्ली/भोपाल। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हिंसा के विरोध में कन्हैया कुमार के साथ जेएनयू पहुंचीं अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्‍म छपाक को कांग्रेस शासित प्रदेशों मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और और पुदुचेरी में टैक्‍स फ्री घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार को रिलीज होने जा रही यह फिल्‍म इन दिनों काफी विवादों में चल रही है। बीजेपी नेताओं और उनके समर्थकों ने जहां इस फिल्‍म का विरोध किया है वहीं अब फिल्‍म के निर्माता को कोर्ट ने वकील अपर्णा भट्ट का नाम देने का निर्देश दिया है।

हम आपको बता दें कि दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक को मध्यप्रदेश सरकार ने अपने यहां टैक्स फ्री कर दिया है। ये फिल्म एसिड अटैक विक्टिम और सर्वाईवर लक्ष्मी अग्रवाल पर बनी है। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक' को एक-एक कर कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब इसकी रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन इससे पहले दीपिका के जेएनयू पहुंचने पर उनकी फिल्म 'छपाक' के बायकॉट की मांग बुधवार को दिन भर सोशल मीडिया में छाई रही।

उसके बाद पीड़िता लक्ष्मी (जिस पर 'छपाक' की फिल्म आधारित है) की वकील अपर्णा भट्ट ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा था कि वह एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी की कई सालों तक वकील रही हैं लेकिन फिल्‍म में उन्हें कोई क्रेडिट नहीं दिया गया। इसपर कोर्ट ने आदेश दिया है कि अपर्णा को फिल्म में क्रेडिट दिया जाए।

वहीं इससे पहले बंबई हाईकोर्ट में राकेश भारती नामक एक लेखक ने अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि मूल रूप से उन्होंने एसिड हमले की एक पीड़ित के जीवन पर कहानी लिखी थी। मेघना गुलज़ार द्वारा निर्देशित 'छपाक' भी एसिड हमले की एक पीड़िता के जीवन पर आधारित है। अपनी याचिका में भारती ने फिल्म के लेखकों में से एक के रूप में श्रेय दिए जाने और 10 जनवरी, 2020 को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी।

दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस सी गुप्ते ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी की कि ऐसी कहानियों पर कॉपीराइट का दावा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ''यह एक वास्तविक घटना है। जब कहानी का स्रोत समान हो तो कोई भी कॉपीराइट का दावा नहीं कर सकता। सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति वास्तविक घटना पर कहानी लिख रहा है या लिख चुका है, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई और ऐसा नहीं कर सकता है।

Updated : 2020-01-09T20:54:41+05:30
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top