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30 लाख रुपये से अधिक की सम्पति खरीदने वालों को विवरण देना होगा

30 लाख रुपये से अधिक की सम्पति खरीदने वालों को विवरण देना होगा

नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। आयकर विभाग ने कुछ दिन पहले कहा था कि जिसने भी 30 लाख रुपये व उससे अधिक का मकान, जमीन, सम्पति खरीदी है, उनको विवरण देना होगा कि इसके लिए कहां से धन लाये। ऐसे सभी को आयकर की नोटिस भेजी जा रही है।

आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय से सबका नाम और पता लिया जा रहा है। उसके बीते कई वर्ष के रजिस्ट्री डाटा से 30 लाख और उससे अधिक रकम की सम्पति खरीदने वालों का नाम छांटा जा रहा है। मिलान किया जा रहा कि इनमे से कितनों ने आयकर में इसे दिखाया है और विवरण दिया है| बताया है कि कहां से रकम लाकर यह सम्पति खरीदी गयी है। उसमें कोई आशंका हो रही है तो उस व्यक्ति को नोटिस दी जा रही है। इसकी शुरुआत नोएडा ,गुडगांव , हैदराबाद,बंगलौर,मुंबई जैसे शहरों से हो गयी है। इसके बाद नोटिस इससे छोटे शहरों में भेजी जानी है। इस क्रम में आयकर विभाग ने बीते कुछ दिनों में नोएडा में 9,000 लोगों को नोटिस भेजा है। जिनने 30 लाख रुपये और उससे अधिक की संपत्ति अपने नाम रजिस्ट्री कराई है और इसका विवरण आयकर विभाग को नहीं दिया है। इन 9,000 लोगों से उनकी आयकर रिटर्न का विवरण मांगा गया है।

इस बारे में सीए कैलाश गोदुका का कहना है कि यह सरकार अब तक सोई हुई थी। अब जो कर रही है उसके लिए दलील दी जा रही है कि इसके मार्फत पता लगाने की कोशिश हो रही है नोटबंदी के पहले किनने अपना काला धन सम्पति में लगाया है। जिनके पास अकूत कालाधन है क्या वे भारत में 30 लाख रुपये और उससे अधिक सम्पति में निवेश करेंगे। उनके पास बहुत से ऑप्शन हैं। कालाधन विदेश में टैक्स हैवन देशों में जमा कर देंगे। भारतीयों का विदेश में जमा कला धन वापस लाने का वादा करके सत्ता में आई इस सरकार ने चार साल में ऐसे कितने का कालाधन वापस लाई है?

कैलाश का कहना है कि इसलिए इस तरह जो किया जा रहा है वह केवल नौकरी पेशा और मध्यम वर्गीय जनता को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। इसमें कितने सत्ताधारी नेताओं का कुछ बिगड़ने वाला है? उनके चहेतों का भी कुछ नहीं बिगड़ेगा। होगा यह कि इसमें कुछ लोग पकड़े जायेंगे। उससे बहुत अधिक लोग परेशान किये जायेंगे। इसमें आयकर विभाग वाले अपनी कमाई करेंगे। सरकार क्यों नहीं सभी बड़े बिल्डरों को पकड़ कर पूछती है कि किन-किन नेताओं,अफसरों ,अपराधियों आदि ने तुम्हारे प्रोजेक्ट में काला धन लगाया है। बिल्डरों से, शराब के कारोबारियों, निजी अस्पताल ,स्कूल , कालेज ,विश्वविद्यालय चलाने वालों से यदि कड़ाई से पूछताछ हो तो बहुतों का पता चल जायेगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि यदि सरकार और आयकर विभाग वाले ईमानदारी से काम करते, तो आयकर चोरी व कालाधन का इतना बड़ा धंधा ही क्यों चलता। इसलिए नियम पर नियम बनाते जाने, नोटिस पर नोटिस दिये जाने से कालाधन का धंधा रूकने वाला नहीं है। इसके लिए नेता, मंत्री ,आयकर अफसर सभी को ईमानदार होना पड़ेगा।

Updated : 2018-09-20T01:09:04+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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