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सुप्रीम कोर्ट : शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाने वाले की याचिका खारिज

लड़की ने सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है

सुप्रीम कोर्ट : शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाने वाले की याचिका खारिज
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू लड़की से शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाने वाले छत्तीसगढ़ के इब्राहिम सिद्दिकी ऊर्फ आर्यन की याचिका खारिज कर दी है। उसकी प्रेमिका अंजलि जैन आज सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई और कोर्ट से कहा कि उसकी शादी बहला-फुसला कर की गई। उसने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच से कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि हदिया अपने पति के साथ जाना चाहती थी लेकिन अंजलि जैन अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है इसलिए बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका खारिज की जाती है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाया। लड़की के परिवार और कट्टरपंथी समूह ने उन्हें अलग कर दिया।

पिछले 17 अगस्त को इब्राहिम की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने धमतरी के एसपी को निर्देश दिया था कि अंजली जैन और उसके पिता अशोक कुमार जैन को कोर्ट में पेश किया जाए।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उसकी पत्नी अंजलि जैन को उसके साथ रहने की अनुमति नहीं दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि अंजलि जैन ने हाईकोर्ट में ये स्वीकार किया कि उसने इब्राहिम से शादी की है। लेकिन उसके बावजूद हाईकोर्ट ने अंजलि को अपने पति के साथ रहने का आदेश नहीं दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि या तो वो अपने माता-पिता के साथ रहे या उसे हॉस्टल में भेज दिया जाएगा।

याचिकाकर्ता की उम्र 33 वर्ष है और अंजलि की उम्र करीब 22 वर्ष है। दोनों धमतरी के निवासी हैं। वे पिछले दो से तीन सालों तक रिलेशनशिप में थे। इब्राहिम ने अंजलि से शादी करने के लिए पिछले 23 फरवरी को हिंदू धर्म अपनाया था और अपना नाम बदलकर आर्यन आर्या रखा था। उसके बाद दोनों ने रायपुर के आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से 25 फरवरी को शादी कर ली थी। अंजलि जैन ने अपनी शादी की बात अपने माता-पिता को नहीं बताई थी। लेकिन अंजलि के माता-पिता को इसकी भनक लग गई। अंजलि बिना माता-पिता को बताए 30 जून को रात में चली गई। वो इब्राहिम से मिलती इसके पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसे स्थानीय सखी सेंटर भेज दिया।

याचिका में कहा गया था कि अंजलि की अपने पति के साथ जाने की इच्छा के बावजूद पुलिस ने उसका बयान गलत दर्ज किया और लिखवाया कि वो अपने पिता अशोक जैन के साथ जाना चाहती है। उसके बाद इब्राहिम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। याचिका में हदिया पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उद्धृत किया गया था।

Updated : 2018-08-27T21:53:35+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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