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सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सरकार और सीवीसी की सोच का समर्थन

कांग्रेस ने कहा, मोदी सरकार की सीबीआई को नियंत्रित करने की साजिश ‘औंधे मुंह’ गिर गई है

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सरकार और सीवीसी की सोच का समर्थन
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नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। केन्द्रीय वित्त मंत्री व वरिष्ठ अधिवक्ता अरूण जेटली ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले को सरकार और सीवीसी की सोच का समर्थन बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार भी मामले में दोनों प्रमुख अधिकारियों को जांच व्यवस्था के दायरे से बाहर कर निष्पक्ष जांच कराना चाहती थी और उच्चतम न्यायालय के फैसले में भी यही स्पष्ट होता है।

उच्चतम न्यायालय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अरूण जेटली ने कहा कि सीबीआई में एक विवाद चल रहा था। एक ही मामले में एजेंसी निदेशक और विशेष निदेशक दोनों दो मत रखते थे। भ्रष्टाचार के मामले में दो बड़े अधिकारियों पर जांच चल रही थी। यह जांच अच्छे और निष्पक्ष ढंग से होनी चाहिए। सीबीआई पर अधिकार सीवीसी का है। ऐसे में जब तक जांच चल रही है, दोनों अधिकारियों को जांच से बाहर रखना चाहिए। ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। सीवीसी और सरकार की यह सोच थी| इसलिए अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया।

शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसले में भी यही दृष्टिगोचर होता है। न्यायालय ने एक निर्धारित समय में जांच के आदेश दिए और जांच निष्पक्षता से हो, इसके लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच के आदेश दिए। उनका विश्वास है कि इससे देश के हित में सच सामने आएगा। देश यह बर्दाश्त नहीं कर सकता है कि जो खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हो वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करे। उनका मानना है कि सीवीसी व सरकार की नीयत आज के फैसले से मजबूत हुई है।

दूसरी ओर कांग्रेस इसे अलग दृष्टि से देखते हुए फैसले को सरकार के खिलाफ बता रही है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय में सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि मोदीजी को फिर से याद दिलाया गया है कि 'मोदी नियम' 'कानून के नियम' से पहले बुरी तरह हार गए हैं। संस्थानों के कार्य में हस्तक्षेप, घुसपैठ या कब्जा करने के प्रयासों पर रोक लगाई जाएगी। जनता अब 2019 में बताएगी कि खराब सरकारें 'समाप्ति तिथि' के साथ आती हैं।

मोदी सरकार की सीबीआई को नियंत्रित करने की साजिश 'औंधे मुंह' गिर गई है| सीवीसी मोदी सरकार के प्यादे के तौर पर काम नहीं कर पाएगा| उच्चतम न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश द्वारा उचित रूप से कार्य पर नजर रखी जाएगी।उन्होंने कहा कि आज के फैसले में अंतरिम निदेशक से उसकी सारी शक्तियां छीन ली गई हैं| उन्हें केवल एक व्यवस्थापक बनाकर छोड़ दिया गया है।

Updated : 2018-10-26T20:50:41+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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