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सोनिया गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा, यंग इंडियन कम्पनी चैरिटेबल संस्था

सोनिया गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा, यंग इंडियन कम्पनी चैरिटेबल संस्था

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में यंग इंडियन कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग के 249.15 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश के खिलाफ सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस द्वारा दायर याचिका पर 16 अगस्त को भी सुनवाई जारी रखेगा।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील पी चिदंबरम ने कहा कि यंग इंडियन कंपनी एक चैरिटेबल संगठन है । यंग इंडियन कंपनी ने शेयर धारकों को अभी तक एक रुपया भी नहीं दिया है । उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने आयकर की गणना गलत तरीके से की है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान आयकर विभाग की ओर से एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि वे कोर्ट के सामने मूल दस्तावेज पेश करने के लिए तैयार हैं। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 16 अगस्त को करने का आदेश दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बाद सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस ने भी यंग इंडियन कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग के 249.15 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

आठ अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मामले में कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था। उस समय राहुल गांधी ने कहा था कि जब कोई आय ही नहीं हुई तो फिर उस पर कर कैसा। इसलिए आयकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करे। तब कोर्ट ने कहा कि हम न तो आयकर विभाग को नोटिस जारी कर सकते हैं और न ही आपको सुरक्षा दे सकते हैं।

सुनवाई के दौरान आयकर विभाग की ओर से एएसजी तुषार मेहता ने कहा था कि जब आयकर विभाग ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वो इन कंपनियों के डायरेक्टर हैं तो राहुल गांधी ने जवाब दिया कि नहीं। इसलिए इन कंपनियों की जांच की जरूरत है, क्योंकि इसमें कर चोरी की आशंका है। सुनवाई के दौरान जब राहुल गांधी के वकील ने कोर्ट से मांग की थी कि इस मामले की रिपोर्टिंग मीडिया में न की जाए तो कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

यंग इंडियन कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है । हाईकोर्ट ने पिछले 19 मार्च को आदेश दिया था कि कंपनी दो किश्तों में 15 अप्रैल तक दस करोड़ रुपये आयकर विभाग को जमा करे। कोर्ट ने पांच करोड़ रुपये की पहली किश्त 31 मार्च के पहले और 5 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त 15 अप्रैल के पहले जमा करने का आदेश दिया था लेकिन ये रकम जमा नहीं की गई ।

हाईकोर्ट ने कहा कि यंग इंडियन कंपनी द्वारा 10 करोड़ रुपये जमा करने के बाद आयकर विभाग 249.15 करोड़ रुपये जमा करने के लिए दबाव नहीं डालेंगे । आयकर विभाग ने ये आदेश वित्तीय वर्ष 2011-12 का एसेसमेंट करने के बाद यंग इंडियन कंपनी को नोटिस जारी किया था। यंग इंडियन कंपनी ने आयकर विभाग के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी । यंग इंडियन कंपनी की स्थापना नवंबर 2010 में हुई थी । इस कंपनी ने एसोसिटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के सभी शेयरों को खरीद लिया था । एजेएल ही नेशनल हेराल्ड अखबार का मालिक है ।

Updated : 2018-08-14T20:16:49+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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