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1984 दंगा : सिख प्रतिनिधिमंडल ने मोदी का आभार जताया

कमलनाथ का सिख समुदाय में हो रहा विरोध

1984 दंगा : सिख प्रतिनिधिमंडल ने मोदी का आभार जताया
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80 वर्षीय जगदीश कौर भी लाठी टेकते जा पहुंची मोदी से मिलने

नई दिल्ली। चैरासी के सिख विरोधी दंगों में अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार का जेल में आत्मसमर्पण करने के बाद बुधवार को सिखों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात रेसकोर्स रोड स्थित उनके निवास पर जाकर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उनको धन्यवाद दिया इस आशय के साथ कि मोदी सरकार ने अगर नए सिरे से एसआईटी जांच नहीं बिठाई होती तो दोषियों को जेल पहुंचाना नामुमकिन था। प्रतिनिधिमंडल में दंगों के दौरान अपने दो जवान बेटे व पति को गंवाने वाली 80 वर्षीय जगदीश कौर, जंगशेर सिंह, निरप्रीत कौर, दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके व महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा प्रमुख रूप से शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी से सिख प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को राजनीतिक गलियारे में बड़ी गंभीरता से लिया जा रहा है। समझा जाता है कि जांच प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी मामले में नया मोड़ आ सकता है। सज्जन कुमार को सजा सुनाए जाने के बाद एसआईटी ने जांच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है। अब सवाल है कि सज्जन कुमार के बाद पूछताछ के लिए दूसरे और तीसरे नंबर पर किसका नाम एसआईटी की सूची में जुड़ता है। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे जगदीश टाईटलर अब एसआईटी के निशाने पर आ गए हैं। जिस तरह सिख समुदाय गवाहों को सुदूर अंचलों से ढ़ूंढ़-ढ़ूंढ़कर एसआईटी के समक्ष पेश कर रहा है उससे माना जा रहा है कि नाथ और टाईटलर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कमलनाथ एक भी सबूत पेश कर दें कि वे दंगे रोकने आए थे: कुलमोहन सिंह

दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सलाहकार सरदार कुलमोहन सिंह ने दंगों के दोषियों को सजा सुनाने और जेल भेजने के लिए न्यायालय के प्रति सद्भाव प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह अदालत ने हजारों सिख परिवारों को न्याय दिया उससे पहली बार लगा हिन्दुस्तान हमारा देश है जहां न्याय सर्वाेपरि है। कुलमोहन सिंह ने स्वदेश से विशेष बातचीत में कहा कि मोदी सरकार के विशेष प्रयासों से ही सज्जन कुमार जैसे कद्दावर नेता जेल पहुंचे हैं। सज्जन कुमार पर फैसले के बाद सिख समुदाय ने अपना नजरिया बदला है। बिना हिंसा के न्याय की आस।

कांग्रेस द्वारा हाल ही में कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने से सिख समुदाय में नाराजगी है। कुलमोहन सिंह ने कहा कि समुदाय इसके विरोध में मार्च निकालने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस को गुनहगार करार देते हुए कहा कि उसमें चालांक लोग बैठै हैं। जानबूझकर सुरक्षा कवच बना दिया गया है। सज्जन कुमार, एच के एल भगत और जगदीश टाईटलर को घूमने दिया गया। उन्हें उंचे-उंचे ओहदे दिए जाते रहे। विरोध होते ही हटाने की औपचारिकता भी समय-समय पर होती रही। सज्जन कुमार का इस्तीफा देना कांग्रेस के अपराधी होने का सबूत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किस कदर सिखों की भावनाओं से खेलती रही। 35 साल में आठ-नौ आयोग बिठाए और जांच को प्रभावित करने के लिए सरकारी तंत्र का खूब जमकर दुरूपयोग किया जाना कांग्रेस की फितरत में था।

सज्जन कुमार पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कुलमोहन सिंह ने कहा कि राजनैतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति अगर जेल जाता है तो बचे लोग भी जेल जाएं जिससे समाज में यह संदेश जाएगा कि कोई भी व्यक्ति कितना भी रसूखदार क्यों न हो, आखिर न्याय के तराजू में उसे बैठना ही पड़ेगा। सज्जन कुमार का उदाहरण उसके लिए गुनाह न करने के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी खूबसूरती उस बगीचे की तरह है जिसमें खुशबू पत्तियांे से नहीं अपितु फूलों से बिखरती है। न्यायालय जिसका सबसे बड़ा रक्षक है।

Updated : 2019-01-05T15:15:53+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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