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किसानों के बहाने मोदी सरकार पर विपक्षी दलों ने साधा निशाना

बोले-किसानों के हक के लिए मिलकर लड़ेंगे

किसानों के बहाने मोदी सरकार पर विपक्षी दलों ने साधा निशाना

नई दिल्ली। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने आज किसानों की रैली के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया। विपक्षी दलों ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों से किए सभी वादों को भुला दिया है। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर किसानों की अनदेखी और उद्योगपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ मिलकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ेगी।

शुक्रवार को यहां जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआकेएससीसी) के बैनर तले आयोजित किसानों की विशाल रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जो सरकार किसानों के हित के लिए काम नहीं कर सकती उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आज कांग्रेस छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को बदलने का काम कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के युवाओं और किसानों को नजरअंदाज कर दिया है। इनसे किए वादों को भी भूल गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के हक की इस लड़ाई को कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ मिलकर लड़ेगी और किसानों को उनका अधिकार दिलाएगी। इस मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सीताराम येचुरी ने भी किसानों को सम्बोधित किया। येचुरी ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार ने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए वह संसद में निजी विधेयक लाएंगे। स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि चौधरी छोटू राम ने हमें दो बातें सिखाई थीं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी आज इस मंच पर नहीं दिख रही हैं, वो सभी किसान शत्रु हैं।

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि किसानों के साथ मोदी सरकार ने छल किया है। मोदी सरकार ने अब तक किसानों के हितों के लिए कोई काम नहीं किए तो 2022 तक क्या कर पाएंगे। यह सरकार भ्रष्ट हो चुकी है। मध्य प्रदेश में लंबे समय से भाजपा सरकार है लेकिन महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक यहीं के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के कर्ज माफ किए जाएं। उन्होंने नीति आयोग पर भी सवाल उठाए तथा किसान संगठनों को एकजुट रहने को कहा।

स्वाभिमानी पार्टी के सांसद और किसान नेता राजू शेट्टी ने अपने संबोधन में कहा कि देश का किसान एकजुट हो चुका है। सबका मुद्दा एक ही है। हम सभी किसान भाई सोई संसद को जगाने आए हैं। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की।

पत्रकार पी. साईनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसान अब अकेले नहीं हैं। इनके साथ पूरा देश खड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानो की मांगों को अविलम्ब पूरा करने की मांग करते हुए कहा कि किसान अब उन्हें पूरा कराये बिना पीछे हटने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि देश भर के किसान अपने कर्जे माफ करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर दिल्ली आये हैं, जिन्हें सरकार को मानना ही होगा।

मेधा पाटकर ने कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकार किसानों के हित में फैसले लिये जाएं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।

जंतर- मंतर पर किसानों की सभा को संबोधित करने के लिए लगभग पूरा विपक्ष लामबंद दिखा। कुछ पार्टियों के अध्यक्ष या पदाधिकारी खुद पहुंचे तो कुछ पार्टियों ने अपने प्रतिनिधि या पत्र भेजकर किसानों के इस आंदोलन को समर्थन दिया। आज मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सीताराम येचुरी, डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह समेत विपक्षी दलों के कई नेता मौका भुनाने एक साथ दिखे।

Updated : 2018-12-12T21:32:20+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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