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पाकिस्तान दिवस समारोह का भारत ने किया बहिष्कार

पाकिस्तान दिवस समारोह का भारत ने किया बहिष्कार
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नई दिल्ली। 'पाकिस्तान दिवस' समारोह के सिलसिले में पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा आयोजित समारोह में भारत की ओर से किसी सरकारी प्रतिनिधि ने शिरकत नहीं की। पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा आयोजित समारोह में जम्मू कश्मीर के पृथकतावादी संगठन हुर्रियत के नेताओं को आमंत्रित किए जाने के विरोध में भारत ने यह फैसला किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान दिवस समारोह में भी कोई भारतीय प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा।

पिछले वर्ष पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में भारत की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भाग लिया था।

पाकिस्तान दिवस का आयोजन 23 मार्च,1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पाकिस्तान की स्थापना के संबंध में स्वीकृत प्रस्ताव के सिलसिले में किया जाता है।

विदेश मंत्रालय ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में स्वामी असीमानंद सहित विभिन्न अभियुक्तों की रिहाई के संबंध में पाकिस्तान सरकार की आलोचना को खारिज कर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को भारत की न्याय प्रणाली की समझ नहीं है। न्यायालय गवाहों के बयानों और उसके सामने पेश किए गए सबूतों के आधार पर फैसला सुनाता है। भारत की न्याय पालिका की निष्पक्षता पूरी दुनिया भली भांति जानती है। फैसले के बारे में पाकिस्तान सरकार की आलोचना घरेलू समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश मात्र है। उन्होंने कहा कि समझौता एक्सप्रेस मामले में पाकिस्तान ने कानूनी प्रक्रिया के साथ कोई सहयोग नहीं किया। भारत ने गवाही के लिए जिन पाकिस्तानी नागरिकों को सम्मन जारी किए थे, उन्हें तामील नहीं किया गया।

प्रवक्ता ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह भारत के खिलाफ आतंकवादी कार्रवाइयों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कारगर कार्रवाई करें तथा सीमा पार आतंकवाद रोकने के लिए विश्वसनीय कदम उठाए।

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि फ्रांस ने मसूद को अपने स्तर पर आतंकवादी घोषित कर उसके खिलाफ प्रतिबंध लगा दिया है। फ्रांस ने यूरोपीय संघ से भी आग्रह किया है कि वह मसूद के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई करे।

आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी को स्वदेश लाने के संबंध में प्रवक्ता का कहना था कि भारत की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है। यह मामला ब्रिटेन के न्यायालय के विचाराधीन है। उम्मीद है कि नीरव मोदी का प्रत्यर्पण शीघ्र हो सकेगा।

Updated : 22 March 2019 4:10 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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