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हरियाणा में भाजपा फिर बनाएगी सरकार, निर्दलीय समर्थन देने को तैयार

- गोपाल कांडा ने भी बिना शर्त भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया - नई सरकार के शपथ ग्रहण पर अभी पार्टी ने नहीं खोले पत्ते

हरियाणा में भाजपा फिर बनाएगी सरकार, निर्दलीय समर्थन देने को तैयार
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नई दिल्ली। हरियाणा में पूर्ण बहुमत के लिए छह सीटों के फेर में 40 सीटों पर फंसी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लिए दावा करने को तैयार है। उसे सात निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल गया है। कभी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में गृह राज्यमंत्री रहे गोपाल कांडा ने भी बिना शर्त भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया है। नई सरकार का शपथ ग्रहण दिवाली से पहले होगा या दिवाली बाद, इस बारे में पार्टी ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।

गुरुवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही भाजपा सरकार बनाने की कसरत में जुट गई थी। पार्टी को कुल 40 सीटों पर ही जीत मिल पाई। सरकार बनाने के लिए 6 विधायकों की दरकार थी और बतौर निर्दलीय कुल सात विधायक जीते हैं। इनमें से चार तो भाजपा के ही बागी विधायक थे, इसलिए भाजपा ने 24 घंटे के अंदर ही इनका समर्थन जुटाने की दिशा में ऑपरेशन को अंजाम दे दिया है।

गुरुवार देर रात हरियाणा के पांच निर्दलीय विधायकों ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा भाजपा के प्रभारी और महासचिव अनिल जैन से मुलाकात कर हरियाणा में भाजपा को समर्थन देने की हामी भर दी है। इनमें रणधीर गोलन (पुंडरी), बलराज कुंडू (महम), रणजीत सिंह (रानियां), राकेश दौलताबाद (बादशाहपुर) और गोपाल कांडा (सिरसा) है। गोपाल कांडा ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने भाजपा को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा रहा है।

दो और निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान (दादरी) और धर्मपाल गोंदर (नीलोखेड़ी) की भी जेपी नड्डा और अनिल जैन से आज मुलाकात तय है। अब जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल भी दिल्ली पहुंच चुके हैं, ऐसे में ये सभी निर्दलीय विधायक उनसे भी मुलाक़ात करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भाजपा हरियाणा में एक बार फिर से सरकार बनाएगी और राज्य में एक ईमानदार और जवाबदेह सरकार के माध्यम से सार्वजनिक कार्यों में तेजी आएगी।

राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को एक बार फिर से ऑक्सीजन मिला है और वह 31 सीटें जीतकर दूसरे नम्बर की पार्टी बन गई है। दुष्यंत चौटाला की नवगठित जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने 10 सीटें जीती हैं। इसलिए कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए गैर-भाजपा दलों से हाथ मिलाने का कल ही आह्वान किया था। हालांकि अभय चौटाला (इनेलो) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भाजपा के साथ जा रहे हैं।

हरियाणा चुनाव के परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपने आवास पर शीर्ष नेतृत्व की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शामिल राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के अलावा कम से कम 17 नेताओं ने चुनाव के नतीजों पर चर्चा की और भाजपा को आगे बढ़ने से रोकने के बारे में रणनीति बनाई।

उधर, जेजेपी की आज दिल्ली में हुई बैठक में दुष्यंत चौटाला को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। बैठक खत्म होने के बाद दुष्यंत चौटाला अपने पिता अजय चौटाला से मिलने तिहाड़ जेल जाएंगे, जहां भ्रष्टाचार के एक मामले में वह सजायाफ्ता हैं। जेजेपी का कहना है कि दोनों ही दलों (भाजपा और कांग्रेस) के लिए उनके दरवाजे खुले हैं लेकिन पार्टी को इनमें से किसके साथ जाना है, इस पर वह शाम चार बजे अंतिम निर्णय करेगी।

Updated : 25 Oct 2019 8:24 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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