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एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाली पहली महिला को गूगल ने किया याद

एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाली पहली महिला को गूगल ने किया याद
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नई दिल्ली। गूगल आज के डूडल में ऐनिमेडेट विडियो के जरिए जुंको को याद कर रहा है। जुंको का आज 80वां जन्मदिन है। जुंको माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाली पहली महिला पर्वतारोही थीं। इस डूडल में जुंको को अलग-अलग पहाहों की चोटियों पर जाते हुए दिखाया गया है।

हम आपको बता दें कि जुंको को जापान में पर्वतारोहण को एक अडवेंचर के तौर पर पहचान दिलाने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने वहां लेडीज क्लाइंबिंग क्लब की शुरुआत की थी। इसकी शुरुआत 1969 में हुई और इसका स्लोगन 'Lets ho on an overseas expedition by ourselves' रखा गया था। जुंको ने 16 मई 1975 को माउंट एवरेस्ट फतह किया। उनकी टीम में 15 पर्वतारोही और 6 शेरपा शामिल थे। उनकी यह माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई आसान नहीं थी। 9000 फीट पर स्थित इन लोगों का बेस कैंप खतरनाक हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इस भयानक हादसे ने भी उनकी हिम्मत तो नहीं तोड़ा और तीन दिन बाद उन्होंने अपने गाइड से साथ अकेले माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने में उन्हें 12 दिन लगे।

जुंको ताबेई ने अपना पूरा जीवन 70 देशों में मौजूद पहाड़ों की अलग-अलग चोटियों की चढ़ाई करने में बिताया। साल 1992 में वह दुनिया की पहली ऐसी महिला बन गईं जिसने सातों महाद्वीपों में मौजूद सबसे ऊंची 7 चोटियों को फतह किया। माउंट एवरेस्ट को लेकर जुंको काफी चिंतित थीं। साल 2003 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि एवरेस्ट पर भीड़ काफी बढ़ गई है और उसे अब आराम की जरूरत है। साल 2012 में उन्हें पता चला कि वह कैंसर से पीड़ित हैं। इसके बावजूद भी उन्होंने पर्वतारोहण के शौक को जारी रखा। हालांकि, इसके चार साल बाद उन्हें कैंसर से हारना पड़ा 77 की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।

Updated : 22 Sep 2019 4:22 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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